सीतापुर- थानगांव-सीतापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत हलीमनगर पुलिस पिकेट अक्सर किसी न किसी मामले को लेकर चर्चा में बनी रहती है। अभी कुछ ही दिनों पूर्व में पुलिस पिकेट पर तैनात दो पुलिसकर्मियों का जुआ खेलते हुए एक के बाद एक वीडियो वायरल हुआ है। जिससे हलीमनगर पुलिस पिकेट एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। सोशल मीडिया पर वर्दी की फजीहत होती देख उच्चाधिकारियों ने मामले को लेकर जांच जारी कर दी है। फिलहाल नतीजे किस हद तक पहुंचे इसकी पुष्टि नहीं हुई है। कई दिन बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्यवाही देखने को नहीं मिली है। जिससे क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार और गर्म होता जा रहा है। स्थानीय लोगों की मानें तो वायरल वीडियो में थानगांव थाने में तैनात दोनों पुलिसकर्मी व उनके जुआरी मित्रों की पहचान भी स्पष्ट करा ली गई है। किन्तु जानबूझ कर प्रकरण की जांच प्रक्रिया की स्पीड गति को शांत किया जा रहा है।
पहले एक छोटा सा वीडियो वायरल हुआ था। लेकिन उसके बाद उसी घटना से संबंधित दूसरा भी वीडियो वायरल हो गया। जिससे स्थिति काफी हद तक स्पष्ट होती नजर आ रही है। अब देखना है कि एक के बाद एक वायरल हो रहे वीडियो के बाद जिम्मेदार मामले को लेकर क्या कार्यवाही करते हैं। गौरतलब हो कि घटना की जांच सीओ महमूदाबाद रविशंकर प्रसाद के द्वारा की जा रही है। उच्चाधिकारियों ने सीओ महमूदाबाद को मामले की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। हलीमनगर पुलिस पिकेट क्षेत्र में हो रहे आपराधिक इजाफे को लेकर पिकेट कर्मी अपराध नियंत्रण करने के बजाय खुद भी अपराध बढ़ाने में पूरी मदद कर रहे जिससे अपराधियों का खौफ पुलिस से नहीं रह गया है। अपराधियों के हौंसले भी इतने बुलंद हैं। कि पूर्व में इसी पिकेट क्षेत्र मे पुलिस एवं सी ओ जी की संयुक्त टीम पर फायरिंग कर मौके से फरार होने में कामयाब हो गए थे। सूत्रों की मानें तो थानगांव के नवागत थानाध्यक्ष अजय रावत व जुएं में संलिप्त एक सिपाही एक ही गांव के होना बताया जा रहे हैं। पिकेट के आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों का यह कहना है कि- मुस्लिम बाहुल्य इलाका होने के कारण हलीम नगर पुलिस पिकेट कमाई में सबसे आगे है। कमाई का कुछ हिस्सा इन्हीं सिपाहियों के माध्यम से सीओ महमूदाबाद को भी जाता रहा है। जिस कारण जांच मैं जानबूझकर हीला हवाली की जा रही है। एक के बाद एक वीडियो वायरल होने के बाद भी दबाव बनाने के लिए सीओ महमूदाबाद के द्वारा एक स्थानीय पत्रकार का भी बयान दर्ज करवाया गया है जिससे स्पष्ट होता है कि जांच को प्रभावित किया जा सकता है अब देखना यह होगा कि साफ-सुथरी छवि के पुलिस अधीक्षक घुले सुशील चंद्रभान इस प्रकरण में क्या कार्यवाही करते हैं।
– सीतापुर से रामकिशोर अवस्थी
