आंवला, बरेली। जनपद के आंवला कस्बे मे बिना योग्य डॉक्टरों के संचालित हो रहे निजी अस्पताल मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। मंगलवार को तहसील रोड स्थित एक निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत के बाद हड़कंप मच गया। आरोप है कि अस्पताल स्टाफ खुद को बचाने के लिए मृतका का शव ही बरेली रेफर कर दिया। बरेली पहुंचने पर परिजनों को सच्चाई का पता चला। आक्रोशित परिजन वापस लौटकर अस्पताल स्टाफ के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए एसडीएम और पुलिस से कार्रवाई की मांग करने पहुंचे। कस्बे के मोहल्ला भुर्जीटोला निवासी राहुल अपनी पत्नी सोनी के साथ दिल्ली मे मजदूरी करता है। प्रसव पीड़ा बढ़ने पर वह सोमवार को पत्नी को लेकर दिल्ली से अपने घर आ गया। शाम को सोनी की हालत गंभीर होने पर वह पहले सरकारी अस्पताल पहुंचा जहां स्थिति नाजुक बताते हुए बरेली रेफर कर दिया गया। राहुल का कहना है कि वह अपनी पत्नी सोनी (30) को प्रसव हेतु सोमवार शाम तहसील रोड के एक निजी अस्पताल में ले आया। अस्पताल के डॉक्टर ने सभी सुविधाएं उपलब्ध होने तथा अनुभवी पुरुष-महिला स्टाफ की मौजूदगी का भरोसा देते हुए जच्चा-बच्चा की सुरक्षा की गारंटी तक दे दी। आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने एक महिला को बुलाकर बड़ा ऑपरेशन करा दिया। जिसे एमबीबीएस डॉक्टर बताया गया था। राहुल ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव होने से स्थिति बिगड़ती चली गई लेकिन ऑपरेशन करने वाली महिला को कुछ ही देर बाद अस्पताल से भेज दिया गया। इसके बाद मौजूद स्टाफ मनमाने ढंग से उपचार करता रहा। मंगलवार सुबह हालत अत्यधिक गंभीर बताकर अस्पताल प्रबंधन अपनी प्राइवेट एंबुलेंस से सोनी को बरेली ले गया। राहुल का आरोप है कि उसकी पत्नी की मौत सुबह ही अस्पताल मे हो चुकी थी। बरेली के अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने सोनी को मृत घोषित कर दिया। राहुल ने आरोप लगाया कि आंवला अस्पताल की घोर लापरवाही, गलत ऑपरेशन और कथित रूप से मोटी कमाई की लालसा ने उसकी पत्नी की जान ले ली। उसने एसडीएम आंवला और पुलिस को शिकायती पत्र देकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इंस्पेक्टर आंवला कुंवर बहादुर सिंह ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। एसडीएम आंवला विदुषी सिंह ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी और इंस्पेक्टर आंवला को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए है।।
बरेली से कपिल यादव
