बरेली। प्रांतीय सिविल सेवा से इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री के विरुद्ध जारी आरोप पत्र डीएम शामली को भेज दिया गया है। गुरुवार को जांच अधिकारी मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी ने आरोप पत्र भेजकर उसे जल्द अलंकार अग्निहोत्री को तामील कराने को कहा है। इसके साथ ही उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय भी दिया है। अलंकार चाहे तो अपने पक्ष में बचाव के लिए कोई गवाह या साक्ष्य भी प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें गवाह का नाम, पता और जिस आधार पर परीक्षण कराना है, उसका विवरण भी अपने जवाब मे देने को कहा है। जांच अधिकारी मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी का कहना है कि आरोप पत्र डीएम शामली को भेज दिया गया है। वहां से अलंकार अग्निहोत्री को आरोप पत्र तामील कराया जाएगा। उनका पक्ष लेकर जांच आगे बढ़ेगी। जांच रिपोर्ट समय से शासन को भेजी जाएगी। अलंकार ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान से आहत होकर इस्तीफा देने की बात कही थी। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार को अल्पमत बताते हुए भाजपा को विदेशी जनता पार्टी कहा। सरकार को ब्राह्मण विरोधी बताया। इतना ही नहीं डीएम अविनाश सिंह पर 45 मिनट बंधक बनाने का आरोप भी लगाया और कलक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन किया। डीएम की ओर से शासन को अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई, जिसके बाद शासन ने अलंकार को निलंबित करते हुए डीएम शामली कार्यालय से संबद्ध कर दिया। उनके विरुद्ध विभागीय जांच के निर्देश मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी को दिए। जिला प्रशासन की ओर से अलंकार के विरुद्ध तीन प्रमुख बिंदुओं पर आरोप पत्र तैयार कर नियुक्ति कार्यालय भेजा गया। शासन ने अपने आरोप पत्र में केंद्र व प्रदेश सरकार के विरुद्ध गलत बयान देने, सरकारी सेवक होने के बावजूद जातिगत भावना से द्वेषपूर्ण बयान देने और सरकारी अधिकारी होने के बावजूद धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी करने का आरोप लगाया। बुधवार को नियुक्ति कार्यालय से आरोप पत्र जांच अधिकारी मंडलायुक्त को मिला। मंडलायुक्त ने गुरुवार को आरोप पत्र डीएम शामली को भेज दिया है। उन्होंने 15 दिन में अलंकार को अपना पक्ष रखने का समय दिया है। इसके साथ ही चेताया है कि अगर 15 दिन में उनका पक्ष नहीं मिलता है तो यह मान लिया जाएगा कि उन्हें कुछ नही कहना है। इसके बाद एकतरफा कार्यवाही करके आदेश पारित किया जाएगा।।
बरेली से कपिल यादव
