बरेली। निवेश के नाम पर पैसे लेकर भागने वाली कंपनी के खिलाफ रविवार को लोगों ने कोतवाली मे प्रदर्शन कर हंगामा किया। लोगों ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कोतवाली पुलिस ने किसी तरह से लोगों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। अमर ज्योति फाइनेंस कंपनी की ओर से लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की गई। इस फर्जीवाड़े में कंपनी के निदेशक भाइयों के साथ उनका भांजा भी शामिल पाया गया है। कई लोगों के साथ कोतवाली पहुंचे बाग बिग्रटान निवासी कृष्ण मौर्य ने आरोप लगाया कि उनके मोहल्ले मे रहने वाला एक व्यक्ति खुद को कंपनी का निदेशक और सूर्यकांत मौर्य का रिश्तेदार बताता था। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर कटरा चांद खां स्थित अमर ज्योति रुहेलखंड निधि लिमिटेड नाम की फाइनेंस कंपनी मे निवेश के जरिए मुनाफे का झांसा दिया। पड़ोसी होने के नाते आरोपी पर विश्वास कर उन्होंने निवेश किया। एक वर्ष मे उन्होंने कुल 72 हजार रुपये जमा किए। जिसकी मैच्योरिटी राशि 75800 रुपये है। नौ जून को मैच्योरिटी पूरी होने पर उन्होंने आरोपी से रकम मांगी तो उसने पासबुक लेकर जल्द भुगतान करने का आश्वासन दिया। उसके कहने पर उन्होंने दूसरा खाता भी खुलवाया और 4300 रुपये जमा किए। इसी बीच अमर ज्योति रुहेलखंड निधि लिमिटेड उनके 80100 रुपये लेकर गायब हो गई। जब वह आरोपी के घर जानकारी लेने पहुंचे तो उसके परिवार वालों ने धमकी दी कि अगर उसके बारे मे पूछा तो जान से मरवा देंगे। इससे उनका पूरा परिवार दहशत मे है। उनकी तरह कई अन्य लोगों से भी ठगी की गई है। कोतवाली इंस्पेक्टर सुरेश चंद्र गौतम ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। चिटफंड कंपनी पर दर्ज हो चुके छह मुकदमे अमर ज्योति चिटफंड कंपनी ने बदायूं और बरेली में ऑफिस खोले थे। कंपनी के निदेशक कटरा चांद खां निवासी शशिकांत मौर्य और उसका भाई सूर्यकांत मौर्य हैं। मई में यह कंपनी अचानक ही निवेशकों के करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गई। अब तक इस कंपनी और पदाधिकारियों के खिलाफ बदायूं में चार और बरेली में दो मुकदमे दर्ज कराए जा चुके है।।
बरेली से कपिल यादव
