फरीदपुर, बरेली। जनपद के थाना फरीदपुर क्षेत्र मे थाने जा रहे पीड़ितों को पीटने के आरोपी स्मैक तस्कर शब्बू और मेहताब समेत उसके अन्य साथियों के खिलाफ कठोर रवाई की मांग करते हुए सिविल बार एसोसिएशन ने सीओ को ज्ञापन दिया। अधिवक्ताओं ने स्मैक तस्करी से कमाई कर बनाई गई प्रॉपटी को जब्त कर शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की मांग की। शुक्रवार को फरीदपुर के मोहनपुर के उवैस गांव की मस्जिद पर नमाज पढ़ने गए थे। इसके बाद उवैश का स्मैक तस्कर शब्बू पक्ष के लोगों से विवाद हुआ। रविवार की उवैस का विवाद हुआ भाई नफीस गांव मे दुकान पर जा रहा था। आरोप है डॉक्टर आलम और उनके साथियों ने नफीस को घेर लिया और मारपीट की। उवैस अपने भाई नफीस एवं अन्य परिकार वालों के साथ कार से फरीदपुर थाने शिकायत करने आ रहे थे। पितांबरपुर रेलवे क्रॉसिंग पर पहले से ही डॉक्टर आलम और उसके साथियों ने परिवार को पीटना शुरू कर दिया। फार को क्षतिग्रस्त कर दिया। उवैस की तहरीर पर पुलिस ने कुख्यात स्मैक तस्कर अहसाब उर्फ शब्बू, डॉक्टर आलम, उसके बड़े बेटे, आरिफ, टिल्लू, सलीम, मोहसिन, एयाय, मोहता ब. एहसाव के बेटे को नामजद करते हुए अन्य अज्ञात 20 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। सोमवार को सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण भदौरिया के साथ तमाम वकीलों ने सीओ संदीप कुमार सिंह को ज्ञापन दिया। आरोप लगाया कि मोहनपुर गांव का शब्बू कुख्यात स्मैक तरकर है। उसके खिलाफ दिल्ली, बरेली और नोएडा में तस्करी में कई मुकदमे दर्ज है। वह दिल्ली की तिहाड़ जेल मे बंद रह चुका है। शब्बू और मेहताब के पास 15 वर्ष पूर्व कोई संपत्ति नही थी। इस समय तस्करी से उसने करोड़ों की संपत्ति अर्जित की है। गांव मे आलीशान कोठी के साथ नोएडा और बरेली मे कई कोठीया है। सीओ संदीप सिंह ने बताया कि स्मैक तस्कर शब्बू और मेहताब के स्मैक तस्करी के मामले की जांच की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। तस्करों के लाइसेंस निरस्त कराए जाएंगे।।
बरेली से कपिल यादव
