बरेली। जिले के लोगों को कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच शुक्रवार को धूप खिलने से काफी राहत मिली। इसके बावजूद प्रदेश में सबसे ठंडी रात और दिन में बरेली तीसरे नंबर पर रहा। यही नहीं सीजन की सबसे ठंडी रात भी रिकॉर्ड की गई। जिले का न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.5 डिग्री सेल्सियस कम 4.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो अलीगढ़ और मेरठ के बाद प्रदेश में सबसे कम रहा। शुक्रवार को सुबह अधिकांश इलाकों में घना कोहरा छाया रहा। कोहरे के चलते दृश्यता शून्य रिकॉर्ड की गई है। कोहरे की वजह से जनजीवन भी प्रभावित रहा और सड़कों पर आवागमन कम दिखा। वहीं लोग दोपहर तक घरों में कैद रहे। हालांकि दोपहर में मौसम में बदलाव हुआ और धूप निकली। धूप के चलते कोहरा और धुंध छंट गई। धूप निकलने की वजह से दिन के तापमान में करीब 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी रिकॉर्ड की गई है। दिन में अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं रात में पारा लुढ़क गया है। रात में न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया जो इस सीजन में सबसे कम रहा। शीतलहर और गलन के कारण लोगों के हाथ-पैर सुन्न पड़ जा रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों को अधिक परेशानी हो रही है। लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अतुल कुमार के मुताबिक, प्रदेश में पश्चिमी विक्षीभ और इसके प्रभाव से हरियाणा पर बने उत्प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण के संयुक्त प्रभाव से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आज पूर्वाह्न कहीं-कहीं बूंदा-बांदी के साथ हल्की बारिश हुई। वायुमंडलीय अस्थिरता के कारण कोहरे की परत जल्दी छटने से दिन के तापमान में बढ़ोत्तरी के परिणामस्वरूप प्रदेश के ज्यादातर स्थानों से शीत दिवस की स्थिति लगभग समाप्त हो गई। वर्तमान पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हवाओं की गति एवं दिशा में हुए परिवर्तन के परिणामस्वरूप प्रदेश में आगामी 11 जनवरी तक मौसम शुष्क रहने और कोहरे के धनत्व में कमी आने का अनुमान है। तापमान में बढ़ोतरी होने से ठंड कम हो सकती है। कड़ाके की ठंड से ट्रेनों मे यात्री बीमार पड़ रहे है। रेलवे के मेडिकल रिकार्ड के अनुसार हर रोज 15-20 यात्रियों के उपचार का मैसेज आता है। मेडिकल टीम यात्रियों को ट्रेन में पहुंचकर दवाइयां उपलब्ध कराती है। बूढ़े-बच्चे ही नहीं इस ठंड में जवान भी बीमार हो रहे है। हाथों-पैरों, सिर बदन दर्द और आंखों में जलन एलर्जी के 15-20 मरीज बढ़ गये है।।
बरेली से कपिल यादव
