* अमेरिका, नेपाल, दुबई से भी कविताएं, आलेख व समीक्षाएं प्रकाशित।
सहारनपुर। जनपद सहारनपुर निवासी फार्मेसी कॉलेज बडूली में प्रशासनिक सहायक के पद पर कार्यरत युवा जोश व युवा सोच से लबरेज युवा लेखक, कवि ओर ग्लोब दर्पण पत्रिका के साहित्य प्रभारी आशीष भारती साहित्य के क्षेत्र में अपनी कलम के माध्यम से नीत नये आयाम स्थापित करने में जी-जान से जुटे हैं। पिछले दस वर्षों में अखिल गूंज, क्रान्ति शंखनाद, लोकतंत्र दर्पण, सहारनपुर बुलेटिन, ग्लोब दर्पण आदि समाचार पत्र पत्रिकाओं में भी विभिन्न पदों पर रहते युवा कवि आशीष भारती की रचनाएं, ऐतिहासिक लेख व समीक्षाएं नेपाल, अमेरिका व दुबई सहित भारत के लगभग 20 से अधिक दैनिक समाचार पत्र पत्रिका में भी प्रकाशित हो चुकी हैं। वर्ष 2013 व 2015 में वाल्मीकि सद्भाव स्मारिका वार्षिक पत्रिका में वाल्मीकि समाज की ऐतिहासिक ग्रन्थावली को सहसम्पादक के पद पर रहकर प्रकाशित करायी।
व्यवस्था पर चौट, कविता की तीन पीढ़ियां एक संवाद, काव्यांजलि, कोहिनूर, हरसिंगार, कोविड-19, आदि साझा काव्यसंग्रहों में विभिन्न रचनाएं प्रकाशित हो चुकी है। आशीष भारती की 2007 से लेकर वर्तमान तक एकत्र 60 कविताओं का एकल संकलन अब न सहूंगा वर्ष 2020 में प्रकाशित हो चुका है साथ ही इनके सम्पादन में 12 राज्यों से 20 रचनाकारों ने उत्पीड़न, अन्याय, अत्याचार, एसिड अटैक, बलात्कार, जुल्म ज्यादती सह रही आज की नारी बन गयी अबला बेचारी विषय पर ऐतिहासिक साझा काव्य संग्रह मैं निशब्द हूं का सफल प्रकाशन हुआ। आकाशवाणी नजीबाबाद केंद्र पर दो बार साहित्य सुधा वार्ता का प्रसारण भी कर चुके हैं और साहित्यिक व राजनीतिक मंचों पर भी काव्य पाठ के लिए जाने जाते हैं।
साहित्य में नीत नये आयामों के लिए इन्हें काव्य पुरस्कार, काव्य श्री, साहित्य चेतना, साहित्यिक उमंग, श्रेष्ठ रचनाकार, साहित्य श्री, काव्य साधक, सक्रिय लेखक सम्मान, महाकवि नीरज सम्मान, कोरोना यौद्धा सम्मान, देशभक्ति काव्य सम्मान, उत्तम सृजन सम्मान, साहित्य विशारद सम्मान, स्वर्ण भारत राष्ट्रीय हिन्दी रत्न, डा एपीजे अब्दुल कलाम राष्ट्रीय पुरस्कार 2020, जनभाषा हिंदी प्रशस्ति पत्र, जागरूकता अभियान प्रमाणपत्र, साहित्य पटल प्रतिभागिता प्रमाण-पत्र, आदि पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। अटल बिहारी वाजपेई हिंदी विश्वविद्यालय भोपाल मध्यप्रदेश एवं हिंदी यूनिवर्स फाउंडेशन नीदरलैंड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पंच दिवसीय वेबिनार में भी सहभागिता करने पर अंतरराष्ट्रीय सहभागिता प्रमाणपत्र से भी सम्मानित किया गया है। आशीष भारती साहित्य में अपनी नित-नयी उपलब्धियों के साथ जनपद सहारनपुर का नाम देश-विदेश में रोशन करेंगे ऐसी साहित्य प्रेमी उनसे आशा रखते हैं।
– सहारनपुर से मन्थन चौधरी
