बरेली। बैंक से संपर्क करने के लिए जस्ट डायल पर नंबर तलाश करना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। वहां मिला नंबर साइबर ठग का निकला और उसने खुद को बैंक मैनेजर बताकर उन्हें 11.14 लाख रुपये का चूना लगा दिया। इस मामले में साइबर क्राइम थाने मे मुकदमा दर्ज कराया है। मढ़ीनाथ निवासी मधुतोष शर्मा ने पुलिस को बताया कि भारतीय स्टेट बैंक की फरीदपुर शाखा से संपर्क करने के लिए 13 फरवरी को वह जस्ट डायल पर नंबर खोज रहे थे। वहां मिले मोबाइल नंबर पर उन्होंने संपर्क किया तो उसके जवाब में उनके पास व्हाट्सएप कॉल आई। उस व्यक्ति ने खुद को बैंक मैनेजर अमित कुमार बताया। उन्होंने पेमेंट की समस्या बताई तो उसने समाधान के लिए एक लिंक भेजा। जिसके जरिये उनके मोबाइल पर एक एप्लीकेशन डाउनलोड हो गया। उस एप ने बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबर पूछा। जिसके बाद उनके एसबीआई और बैंक ऑफ इंडिया के खातों से 11 लाख 41 हजार 265 रुपये कट गए। इस मामले में ऑनलाइन शिकायत के बाद उन्होंने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पेपर मंगाकर हरियाणा की फर्म ने हड़पे 50 लाख: बरेली। रामा श्यामा पेपर्स प्राइवेट लिमिटेड, सर्किट हाउस चौराहा के प्रतिनिधि सुनील कुमार गोयल ने पुलिस को बताया कि हरियाणा की कंपनी पैक एन पैक के डायरेक्टर संदीप गर्ग और वंश गर्ग ने क्राफ्ट पेपर खरीदने के लिए उनकी फर्म से संपर्क किया था। 25 अप्रैल 2021 से पेपर की सप्लाई शुरू हो गई, लेकिन वे लोग सिर्फ एलसी (लेटर ऑफ क्रेडिट) ही उपलब्ध कराते रहे। धीरे-धीरे आरोपियों ने उनसे 50.89 लाख रुपयेका क्राफ्ट पेपर मंगालिया और भुगतान नहीं किया। उन्होंने जानकारी की तो पता चला कि आरोपियों की कंपनी का एलसी खाता बैंक पहले ही सीज कर चुकी है। तीन फरवरी को वह आरोपियों की फर्म पर पहुंचे तो वहां उनके पिता ध्रुव कुमार मिले। बकाया रकम मांगने पर उन्होंने बहानेबाजी की और गालियां देकर भगा दिया। इस पर उन्होंने कोतवाली में संदीप गर्ग, वंश गर्ग और उनके पिता ध्रुव कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराई है।।
बरेली से कपिल यादव
