लखनऊ/सहारनपुर- मौलाना सैय्यद कल्बे जवाद साहब से मुलाक़ात कर उन्हें इमाम ख़ुमैनी अवॉर्ड हासिल होने पर दिली मुबारकबाद पेश की गई। इस मौक़े पर मौलाना की इल्मी और दीनि ख़िदमात को ख़िराज-ए-तहसीन पेश करते हुए उन्हें शॉल ओढ़ाकर और गुलदस्ता पेश कर उनका पुर-इख़लास सम्मान किया गया। यह मुलाक़ात इज़्ज़त, अकीदत और फ़ख़्र के जज़्बात से सराबोर रही।
उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड की जानिब से मिल्लत-ए-तशय्यु और समाज के लिए अंजाम दी गई ख़िदमात के एतिराफ़ में यह ऐलान किया जाता है कि मौलाना सैयद कल्बे जवाद नक़वी की इल्मी, फ़िक्री और समाजी ख़िदमात को ख़िराज-ए-तहसीन पेश करने के लिए एक ख़ास स्कॉलरशिप शुरू की जा रही है, जिसका नाम
“मौलाना सैयद कल्बे जवाद इल्मी स्कॉलरशिप” रखा गया है।
मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने अपनी पूरी ज़िंदगी दीन, इल्म, हक़गोई, इत्तेहाद-ए-मिल्लत और नौजवान नस्ल की रहनुमाई के लिए वक़्फ़ कर दी। उनकी बे-लौस ख़िदमात, इल्मी बसीरत और उसूली मौक़िफ़ ने न सिर्फ़ शिया समाज बल्कि पूरे मुल्क में फ़िक्र-ओ-शऊर की मज़बूत रवायत क़ायम की है।
इस स्कॉलरशिप के तहत प्रथम वर्ष में सालाना कुल राशि ₹12,00,000 (बारह लाख रुपये) निर्धारित की गई है, जो हर आगामी वर्ष में दोगुनी की जाती रहेगी। इस रक़म के माध्यम से ग़रीब और मुस्तहक़ मगर क़ाबिल छात्र-छात्राओं को तालीम के मैदान में आगे बढ़ने के मौक़े फ़राहम किए जाएंगे। इस इल्मी पहल का मक़सद इल्म के फ़रोग़ के साथ-साथ इंसाफ़, बराबरी और अख़लाक़ी क़द्रों को मज़बूत करना है।
उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड को यक़ीन है कि यह स्कॉलरशिप मौलाना सैयद कल्बे जवाद की इल्मी और समाजी विरासत को आगे बढ़ाने में एक अहम और यादगार क़दम साबित होगी।
– सहारनपुर से रविश आब्दी
