बरेली। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के मौके पर हवाई हमले से बचाव के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में शुक्रवार की शाम ब्लैक आउट की मॉक ड्रिल हुई। इसमें हवाई हमले मे हताहत हुए घायलों को बचाने, उपचार देने और अन्य नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की मॉक ड्रिल की गयी। शुक्रवार शाम हवाई हमले की आशंका मे अलार्म बजते ही “शहर” में ब्लैक आउट कर दिया गया। सायरन की आवाज सुन लोग जमीन पर लेट गए। बमबाजी से आग लग गई। इसमे कई लोग घायल हुए। सूचना मिलते ही तेज बारिश के बीच सिविल डिफेंस, फायर ब्रिगेड आदि की टीम मौके पर पहुंची। आग को बुझाया गया। घायलों को फस्र्ट एड दिया गया। गंभीर रूप से घायल लोगों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। शुक्रवार को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती पर कलेक्ट्रेट परिसर में ब्लैक आउट मॉकड्रिल आयोजित की गई। इसके लिए कलेक्ट्रेट में एक काल्पनिक शहर बसाया गया। शहर मे एक तरफ जहां कुछ महिलाएं बैठकर कीर्तन कर रही थी तो वही दूसरी तरफ बाजार मे काफी हलचल थी। कोई फल बेच रहा था तो कोई गुब्बारे और अखबार। एक मानसिक विक्षिप्त महिला लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींच रही थी। 6:14 बजे एयर फोर्स स्टेशन से सिविल डिफेंस कन्ट्रोल सेंटर को हॉट लाइन के माध्यम से दुश्मन राष्ट्र के लड़ाकू विमान सीमा मे प्रवेश करने की सूचना प्राप्त हुई। इसकी जानकारी तत्काल डीएम और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों व विभिन्न नागरिक सुरक्षा सेवाओं के आफीसर कमांडिंग्स को दी गई। 6:15 पर सायरन से हवाई हमले की चेतावनी की सूचना को प्रसारित करने के बाद ब्लैक आउट कर दिया गया। इसी बीच आसमान में लड़ाकू विमानों की गड़गड़ाहट गूंजने लगी। बमों के धमाके ने चारों तरफ अफरातफरी मचा दी। कई जगह आग लग गई। नागरिक सुरक्षा ने आपातकालीन सायरन बजाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने के साथ-साथ बचाव के निर्देश भी दिये। प्रतिबन्धित क्षेत्र में पुलिस ने यातायात व्यवस्था रोक दी। दुश्मन देश के लड़ाकू विमानों को मार गिराने के बाद 6:25 पर नागरिक सुरक्षा ने ग्रीन सिग्नल देते हुये ऑल क्लियर का सायरन पुनः बजाकर आपातकालीन सेवाओं को बचाव कार्य करने का संदेश दे दिया गया। इसके साथ ही लाइट जला दी गई।।
बरेली से कपिल यादव
