बरेली- मेरे देश की धरती सोना उगले उगले हीरा मोती यह कहावत बहुत पुरानी है लेकिन इसको चरितार्थ अर्थ किया है बरेली के शेरगढ़ ब्लॉक के डूंगरपुर गांव के रहने वाले राजेंद्र गंगवार ने। उन्होंने एक एकड़ में ऑर्गेनिक खीरा की पैदावार करके एक सीजन में 10 लाख रुपए पैदा किया विशेष बात यह है उन्होंने जनहित में किसी भी प्रकार की रासायनिक खाद का प्रयोग नहीं किया बल्कि ऑर्गेनिक खाद का प्रयोग करके वह वैज्ञानिक खेती करते हैं उनकी शिक्षा पंतनगर विश्वविद्यालय से एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग के बाद भारतीय प्रबंध संस्थान इंदौर से पूरी की है गत सप्ताह चौधरी चरण सिंह के जन्मदिन पर कृषक दिवस पर राज्य सरकार के द्वारा उत्कृष्ट कृषक के रूप में₹50000 का पुरस्कार भी दिया गया है आज जय शिवाजी जय पटेल के सौजन्य से राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक लाल बहादुर गंगवार के आवास पर राजेंद्र गंगवार को सम्मानित किया गया ट्रस्ट के पदाधिकारी डॉक्टर राजेंद्र कुमार गंगवार हरीश कुमार धर्मेंद्र पटेल विनय कुमार एडवोकेट हेमंत कुमार नरेंद्र कुमार गंगवार अनुज सक्सेना कृष्ण स्वरूप सक्सेना आदि ने ट्रस्ट एवं भारत सेवक समाज की ओर से सम्मानित करते हुए स्मृति चिन्ह प्रदान किया एवं पुष्प माला से सम्मानित किया ज्ञात होगी कृषक राजेंद्र कुमार 10 वर्ष पूर्व सोनालिका ट्रैक्टर कंपनी में उच्च पद पर कार्यरत थे उन्होंने बरेली में सैकड़ो लोगों को ऑर्गेनिक खेती करना सिखाई तथा व्यवसाय के क्षेत्र में शीशा फैक्ट्री लगाकर बड़े स्तर पर कई राज्यों में अपनी धमक बनाई जहां सैकड़ो लोगों को रोजगार दिया वहीं पर व्यवसाय के क्षेत्र में लोगों को प्रेरित भी किया उनकी इस कामयाबी पर शिक्षक लाल बहादुर गंगवार ने उनका सम्मान कार्यक्रम हार्टमैन स्कूल के सामने स्थित आवास पर रखा जिसमें प्रतिष्ठित व्यक्तियों को आमंत्रित किया गया था
मेरे देश की धरती सोना उगले को चरितार्थ करने वाले किसान राजेंद्र कुमार को किया सम्मानित
