बरेली। मिशन शक्ति फेज-4 कार्ययोजना के अन्तर्गत बाल कल्याण समिति, श्रम विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, एएचटीयू, चाइल्ड लाइन की टीम ने संयुक्त रूप से बाल श्रम रेस्क्यू व जागरूकता अभियान चलाया। अभियान शहर के अयूब खां चौराहा, मिशन मार्केट, पंजाबी मार्केट, इस्लामिया, कुतुबखाना, बड़ा बाजार, कोहाड़पीर, राजेंद्रनगर, 100 फुटा रोड पर चलाया गया। जिसमे संयुक्त टीम ने दुकानदारो को जागरूक किया गया कि बह 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम न करवाएं। बाल श्रम मे लिप्त मौके पर 13 बच्चों को मुक्त कराया और उनके सेवायोजकों के विरुद्ध चेतावनी जारी की गई। जिसमें सेवायोजकों के विरूद्ध बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन अधिनियम-2016 के अन्तर्गत कार्यवाही की जायेगी। इसके अतिरिक्त अभिलेखों को एकत्र कर आवश्यकतानुसार शासन द्वारा चलायी जा रही कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। अनिल कुमार आउटरीच कार्यकर्ता ने जनपद के विभिन्न ब्लॉको पर बाल विकास परियोजना अधिकारी, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं बच्चों के द्वारा मिशन शक्ति फेज-4.0 का आयोजन किया। जिसमे महिला कल्याण विभाग की टीम ने जानकारी दी। बाल श्रम को रोकने के लिए लोगों को जागरूक किया गया और लोगो को बताया कि उनके क्षे़त्र में यदि कोई भी बालक बाल श्रम करते हुए कोई बच्चा मिलता है तो उसकी जानकारी तत्काल ही सम्बन्धित पुलिस थाने एवं 1098 चाइल्ड हेल्प लाइन नम्बर पर अवगत कराए। इस क्रम मे लोगों को जागरूक करने के लिए टीम गठित की गई है। यह टीम गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक कर रही है। बाल श्रम नही करने के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। 14 वर्ष से कम उम्र के किसी भी बच्चे को कार्य पर लगाता है तो ऐसा करने पर उसे 02 वर्ष तक की कैद की सजा और अधिकतम 50 हजार रुपये तक का प्रावधान है। महिला कल्याण विभाग की टीम ने सरकार द्वारा चलाई जा रही समस्त योजनाओं व हेल्पलाइन नंबर के बारे में जानकारी दी। इस अभियान मे श्रम प्रवर्तन अधिकारी महीप सिंह, विराम, पवन चौधरी, राकेश कुमार, तकनीकी रिसोर्स पर्सन नया सवेरा जीशान अंसारी , डॉ राखी चौहान एवं मोनिका गुप्ता सदस्य बाल कल्याण समिति, सन्नी चौधरी उपनिरीक्षक एएचटीयू, भूपेन्द्र सिंह, राहुल विकल, दृगपाल, सौरभ सिंह संरक्षण अधिकारी, अरूण कुमार तिवारी आउटरीच कार्यकर्ता, जिला बाल संरक्षण इकाई एवं चाइल्डलाइन की टीम शामिल रही।।
बरेली से कपिल यादव
