बरेली। ऊर्जा मंत्री के साथ हुए समझौते का पालन नही होने के विरोध मे बिजली कर्मचारी 16 मार्च की रात से 72 घंटे की हड़ताल पर चले जाएंगे। जिससे उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। हड़ताल को लेकर बिजली कर्मचारियों ने रविवार को वार्ता की। ऊर्जा मंत्री के साथ हुए समझौते का पालन नहीं होने से बिजली कर्मचारियों में रोष है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने ऊर्जा निगमों के शीर्ष प्रबंधन से टकराव को टालने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप करने की अपील की है। संघर्ष समिति द्वारा रविवार को मुख्य अभियंता कार्यालय में आम सभा का आयोजन किया। गौरव शर्मा ने कहा कि ऊर्जा मंत्री अरविन्द कुमार शर्मा और मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार अवनीश अवस्थी के साथ हुए लिखित समझौते का पालन न होने से बिजली कर्मियों में भारी रोष व्याप्त है। आम सभा में यह चेतावनी दी गयी कि यदि 16 मार्च तक ऊर्जा मंत्री के साथ हुए समझौते का क्रियान्वयन सुनिश्चित न किया गया तो 16 मार्च कि रात 10 बजे से बिजली कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर, अभियन्ता एवं निविदा/संविदा कर्मी 72 घंटे की हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। हड़ताल पर जाने से पहले बिजली कर्मचारी 14 मार्च को शांति पूर्ण मशाल जुलूस निकालेंगे। 15 मार्च को हड़ताल शुरू करेंगे। उन्होंने कहा है कि अगर कर्मचारियों का उत्पीड़न किया गया तो सामूहिक जेल भरो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। आम सभा में संघर्ष समिति के पदाधिकारी मंजीत सिंह, रविंद्र कुमार, मनोज सिंह, वैभव दीप, सतीश जायसवाल आदि मौजूद रहे।।
बरेली से कपिल यादव
