बरेली। सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के लिए आम बजट में कई घोषणाएं की गई हैं। बरेली जिले में संचालित चार हजार औद्योगिक इकाइयों एवं इनमें कार्यरत 50 हजार से अधिक श्रमिकों को इससे लाभ होगा। इस बजट में वित्तमंत्री ने एमएसएमई सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है। इससे छोटे कारोबारियों को बड़े फायदे होंगे। रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। वित्त मंत्री ने महात्मा गांधी हैंडलूम योजना, पांच लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में ज्यादा इंफ्रास्ट्रक्चर की घोषणा की है। सरकार छोटे लोन के लिए गारंटी भी देगी। इसके अलावा सरकार छोटी कंपनियों से सीधे सामान खरीदेगी, जिसका लाभ छोटे कारोबारियों को होगा। जिले मे एमएसएमई सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है। शहर में जरी-जरदोजी, बांस-बेत, लकड़ी का बड़ा कारोबार है। यहां का बना माल दूसरे शहरों के साथ कई राज्यों में जाता है। जरी का करीब 100 करोड़ रुपये का टर्नओवर है। बांस-बेत का 10 करोड़ तो लकड़ी के फर्नीचर का टर्नओवर करीब 100 करोड़ रुपये है। उद्यमी बताते हैं कि जरी व बांस का कारोबार एक जिला एक उत्पाद में शामिल है, लेकिन सरकार ने इन्हें बेचने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की है। कारोबारी कई बार मांग कर चुके हैं कि ओडीओपी उत्पादों को बेचने के लिए एक स्थान बनाया जाए, जहां से जिलेभर में बनने वाला सामान एक छत के नीचे बिक सके। इस बजट में भी ऐसी कोई व्यवस्था नही किए जाने से उद्यमी निराश है।।
बरेली से कपिल यादव
