बरेली। मिनी बाईपास कर्बला क्षेत्र में नाले के निर्माण मे की गई अनियमितताओं ने नगर निगम के निर्माण विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है। मौके पर निरीक्षण में नाले की गुणवत्ता बेहद खराब पाए जाने के बाद नगर आयुक्त ने तत्काल जांच बैठाई और संबंधित एजेंसी के साथ ठेकेदार पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। साथ ही घटिया निर्माण को तोड़कर दोबारा सही तरीके से बनाने के निर्देश भी दिए गए थे। लेकिन इन आदेशों का कोई असर नहीं हुआ। जेई अनुराग कमल पर आरोप है कि उन्होंने नगर आयुक्त और मुख्य अभियंता के निर्देशों को कागजों में ही कैद रख दिया और मौके पर कोई सुधार कार्य नही कराया। इससे साफ है कि सीएम योगी आदित्यनाथ की निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को लेकर सख्ती के बावजूद विभागीय मनमानी पूरी तरह जारी है। स्थानीय लोगों ने बताया कि नाले का निर्माण शुरू से ही घटिया सामग्री से किया जा रहा था, जिसकी शिकायत कई बार की गई। आयुक्त स्तर से कार्रवाई के बाद उम्मीद जगी थी कि काम दोबारा सही तरीके से होगा, लेकिन जेई की ढिलाई से स्थिति जस की तस बनी हुई है। पिछले दिनों मिनी बाईपास कर्बला क्षेत्र मे नाले के निर्माण में अनियमितताएं सामने आई थी। नगर आयुक्त ने जांच बैठाई और घटिया निर्माण को तोड़कर दोबारा बनाने का आदेश दिया था। ठेकेदार पर 2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।।
बरेली से कपिल यादव
