बरेली। बहादुरगंज स्थित त्रिवटीनाथ चीनी मिल मे अब तक गन्ना पेराई शुरू नही होने से किसानों मे जबर्दस्त आक्रोश है। उनका कहना है कि क्षेत्र मे नई चीनी मिल खुलने के बावजूद उन्हें दूर की मिलों में गन्ना देना पड़ रहा है। इससे आर्थिक नुकसान हो रहा है। जबकि 21 दिसंबर को मिल के निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने पेराई सत्र शुरू करने की हरी झंडी दे दी थी। इसके बावजूद विभाग की ओर से मिल को गन्ना आवंटित नहीं किया जा रहा है। त्रिवटीनाथ शुगर्स एंड केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधन ने बताया कि उद्घाटन के बाद 24 नवंबर से मिल में गन्ना पेराई शुरू होनी थी, लेकिन तकनीकी खामी के चलते संचालन नहीं हो सका। इस कारण क्षेत्र के किसानों के गन्ने को अस्थायी रूप से आसपास की अन्य चीनी मिलों को आवंटित कर दिया गया था। इसके बाद भारतीय शर्करा संस्थान कानपुर के अधिकारियों ने 21 दिसंबर को प्लांट का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण रिपोर्ट में मिल को तकनीकी रूप से पूरी तरह तैयार बताते हुए कहा गया कि नए प्लांट मे निर्बाध रूप से गन्ने की पेराई और चीनी उत्पादन किया जा सकता है। हालांकि, रिपोर्ट सौंपे जाने के करीब एक माह बाद भी गन्ना विभाग की ओर से अब तकमिल को गन्ना आवंटन नही मिला है। किसानों का कहना है कि यदि त्रिवटीनाथ चीनी मिल मे ही उनका गन्ना आवंटित कर दिया जाए तो उन्हें ढुलाई सहित अन्य खर्चों से राहत मिलेगी। वही दूसरी ओर चीनी मिल प्रबंधन भी करोड़ों रुपये के निवेश के बावजूद गन्ने के अभाव मे मिल का संचालन न हो पाने से गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रहा है। क्षेत्र के किसानों ने शीघ्र गन्ना आवंटन कर पेराई सत्र शुरू कराने की मांग की है ताकि उन्हें राहत मिल सके और नई चीनी मिल का उद्देश्य भी पूरा हो सके।।
बरेली से कपिल यादव
