बरेली। सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने के बाद दूसरे दिन मंगलवार को अलंकार अग्निहोत्री काफी आक्रामक नजर आए। सुबह उन्हें सरकारी आवास पर समर्थकों के साथ बैठक करने से रोके जाने और हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद अलंकार 11:30 बजे डीएम से मिलने के लिए कलक्ट्रेट पहुंचे। लेकिन कलक्ट्रेट का गेट बंद होने से वह समर्थकों के साथ गेट के पास ही जमीन पर बैठकर धरना देने लगे। लगभग घंटे भर वह जमीन पर ही बैठे रहे और उनके समर्थक नारेबाजी भी करते रहे। इस बीच एडीएम सिटी सौरभ दुबे, एडीएम न्यायिक देश दीपक सिंह, एडीएम प्रशासन पूर्णिमा सिंह और पुलिस के अधिकारी कलक्ट्रेट गेट पर ही मौजूद रहे, लेकिन वह लोग मीडिया के कैमरों से बचते नजर आए। दोपहर 12:30 बजे के दौरान अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री को डीएम से वार्ता के बहाने कलक्ट्रेट सभागार मे लेकर गए। जहां पुलिसकर्मी सभागार के अंदर मीडिया कर्मियों को जाने से रोकने लगे थे। जिस पर अलंकार अग्निहोत्री ने नाराजगी जताई और कहा कि बिना मीडिया के वह किसी अधिकारी से बात नहीं करेंगे। फिर कुछ देर तक सभागार में डीएम का इंतजार किया गया, लेकिन वह नही आए। उस स्थिति में अलंकार अग्निहोत्री अपने समर्थकों के साथ सभागार से बाहर आ गए और डीएम चेंबर के सामने जोरदार प्रदर्शन करने लगे। समर्थकों के बीच उन्होंने भी जिला प्रशासन और राज्य सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। दोपहर 1:33 बजे तक वह डीएम के इंतजार में ही उनके चैंबर के सामने प्रदर्शन करते रहे और जब डीएम नही आए तो वह अपने आवास के लिए समर्थकों के साथ निकल गए। अलंकार अग्निहोत्री इस्तीफा देने के समय से दूसरे दिन दोपहर 1:33 बजे तक मीडियाकर्मियों के सामने यही कहते नजर आए कि 26 जनवरी की शाम 7:30 बजे डीएम के फोन पर आई कॉल पर किसी अधिकारी ने उनके लिए अपमानजनक टिप्पणी की। यही पूछने के लिए वह कलक्ट्रेट में देर तक डीएम का इंतजार करते रहे। वह अपने हर बयान में बार-बार आपत्तिजनक टिप्पणी को ही दोहरा रहे थे, उनका कहना था कि किस अधिकारी ने उनके विरुद्ध टिप्पणी की है। निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के प्रदर्शन के दौरान कलक्ट्रेट का माहौल अफरा तफरी में बदल रहा। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक प्रदर्शन मे खड़े दिखाई दिए, लेकिन वह इस बीच मूक दर्शक बने रहे।।
बरेली से कपिल यादव
