बरेली। प्रांतीय आह्वान पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने गुरुवार को डीआईओएस कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान 31 सूत्री मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष नवनीत शर्मा की अध्यक्षता में शिक्षकों ने धारा 12, 18 और धारा 21 को मूल रूप में इंटरमीडिएट एक्ट 1921 में प्रतिस्थापित कराने की मांगें रखीं। पुरानी पेंशन की बहाली, निशुल्क चिकित्सा सुविधा, समान कार्य के लिए समान वेतन, ऑफलाइन स्थानांतरण सहित 31 मांगों पर विचार रखे गए। मुख्य अतिथि प्रदेश मंत्री डॉ. जीपी सिंह ने कहा कि संगठन की सबसे पुरानी मांगें पेंशन बहाली और राज्य सरकार की भांति निशुल्क कैशलेस चिकित्सा की है। सरकार से मांग है कि पुरानी पेंशन लागू करे। पुरानी पेंशन शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए बुढ़ापे की लाठी है। मांगे नहीं मानी तो शिक्षक आगे भी संघर्ष करेंगे। जिला मंत्री मुन्नेश अग्निहोत्री ने कहा कि यदि शासन स्तर से से 31 सूत्री मांगों को न माना गया तो संगठन का अगला कदम बड़ा आंदोलन होगा। मंडलीय अध्यक्ष डॉ. रणविजय सिंह ने शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर आक्रोश व्यक्त किया। मंडलीय मंत्री डॉ. नरेश सिंह ने 2014 से बंद सामूहिक बीमा को शुरू करने और आठवें वेतन आयोग का गठन करने की मांग की। जिलाध्यक्ष नवनीत कुमार शर्मा ने कहा कि जिला स्तर पर भी शिक्षकों की बहुत सी समस्याएं है, इनमें से कई का निस्तारण डीआईओएस की ओर से किया जा चुका है, अभी कई समस्याएं कार्यालय स्तर पर लंबित है। इनके निराकरण के लिए संगठन संघर्षशील है। प्रधानाचार्य परिषद के जिलाध्यक्ष डॉ. लाखन सिंह, मंत्री डॉ. अजीत सक्सेना, कोषाध्यक्ष कुलदीप विश्नोई, प्राथमिक शिक्षक संघ के मंडलीय अध्यक्ष मुकेश चौहान, जिलाध्यक्ष शिव स्वरूप शर्मा, अटेवा के संयोजक डॉ. मुनीश गंगवार ने धरने में समर्थन दिया। रामानंद कोली, विनोद तिवारी, मीना देवी, डॉ. सुधा गंगवार, मंजू बाला, निधि अग्रवाल, विशाल शर्मा, आराधना शमां, उमाशंकर देवल, शिखा मनचंदा, वीनस प्रभा, केशव देव, रामनरेश, वेद प्रकाश, वीरदेव, अरविंद कुमार, निर्मल कुमार, राघवेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, सीपी सिंह, ओमकार यादव, मीनाक्षी, सरोज शर्मा आदि उपस्थित रहे।।
बरेली से कपिल यादव