राजस्थान/बाड़मेर – राज्य की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने जाते-जाते सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए आनन-फानन में हजारों विद्यालयों को क्रमोन्नत कर दिए। कही जगह नए स्कूल भी खोल दिए, उन्होंने बजट में भवन-संसाधनों, शिक्षकों की कोई व्यवस्था नहीं की। आज ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों के अभाव में स्कूलों की तालाबंदी हो रही है। कांग्रेस शासित सरकार ने शिक्षण व्यवस्था चौपट करके शिक्षा का भट्टा बिठा दिया। यह उद्गार चौहटन विधायक आदूराम मेघवाल ने सोलहवीं राजस्थान विधानसभा के पंचम अधिवेशन में सदन को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
चौहटन विधायक आदूराम मेघवाल ने पर्ची के माध्यम से सदन में शिक्षा का मुद्दा उठाते हुए बताया कि चौहटन विधानसभा क्षेत्र एवं बाड़मेर जिले के विद्यालयों में शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हैं। शिक्षा मंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए बताया कि महाविद्यालय की तर्ज पर राजकीय विद्यालय में भी तत्कालिक व्यवस्था के लिए गेस्ट फैकल्टी के माध्यम से अनुभवी, योग्यताधारी एवं प्रशिक्षित शिक्षक लगाए जावें। पूर्ववर्ती सरकार ने हिंदी माध्यम के विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम में परिवर्तित कर दिए, इन विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम के शिक्षकों की कोई व्यवस्था नहीं होने से नामांकन घट रहा है।
विधायक मेघवाल ने बताया कि हमारी सीमावर्ती चौहटन विधानसभा क्षेत्र में सरकारी विद्यालय में एससी, एसटी, ओबीसी व अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चे अध्ययन करते हैं, जिनकी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में रुचि भी नहीं है। इन अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों का अलग से कैडर बनाकर नए शिक्षकों की नियुक्ति की जावें। सरकारी विद्यालय में भवन-संसाधनों, पेयजल एवं शिक्षकों की संपूर्ण व्यवस्थाएँ की जावे।
– राजस्थान से राजूचारण
