बरेली। खुसरो कॉलेज मे बिना मान्यता डी फार्मा में एडमिशन लेने और फर्जी डिग्री बांटने का मामला एक बार फिर गरमा गया है। एक छात्र ने अब फिर कोर्ट के आदेश पर थाना सीबीगंज में कॉलेज के चेयरमैन शेर अली जाफरी, उसके बेटे, प्रिंसिपल और अन्य स्टाफ पर फर्जीवाड़े की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। यह रिपोर्ट इज्जतनगर की साईधाम कॉलोनी निवासी छात्र अभिषेक गंगवार ने दर्ज कराई है। इसमें खुसरो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी, सनईया रानी मेवाकुवर, सीबीगंज के चेयरमैन शेर अली जाफरी, उसके बेटे फिरोज अली जाफरी, प्रिंसिपल विश्वनाथ शर्मा और अन्य स्टाफ को आरोपी बनाया गया है। अभिषेक का कहना है कि यह कॉलेज विधिक रूप से डीफार्मा में एडमिशन के लिए अधिकृत नहीं है। फिर भी जानबूझकर वर्ष 2019-20 में उन्हें एडमिशन दिया गया। डीफार्मा का कोर्स पूरा होने बाद उन्हें दूसरे कॉलेज का फर्जी अंकपत्र व डिप्लोमा दे दिया। कॉलेज ने ही खर्चा लेकर ग्रीन कार्ड ड्रग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन किया लेकिन वह नहीं बना तो काफी समय तक टालमटोल करते रहे। जब फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ तो उन्हें जान से मरवाने और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी गई। इस मामले में उन्होंने पुलिस से शिकायत की लेकिन आरोपियों के प्रभावशाली होने के चलते उनकी रिपोर्ट नहीं दर्ज हुई तो उन्होंने कोर्ट की शरण लेकर अपना मुकदमा दर्ज करवाया। वही इससे पहले छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले खुसरो कॉलेज के चेयरमैन शेर अली जाफरी, उसके बेटे फिरोज अली जाफरी, जाकिर अली, तारिक अल्वी, विजय शर्मा व विश्ननाथ शर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेजा था। इसके बाद इन सभी के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की गई और इस गैंग का सरगना शेर अली जाफरी को बनाया गया। अब वह जमानत पर बाहर आ चुका है। पहले दर्ज हो चुके चार मुकदमे खुसरो कॉलेज में डी फार्मा के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े का पिछले साल भंडाफोड़ हुआ था। पहले तो शेर अली जाफरी ने खुद को बचाने के लिए साठगांठ कर छात्रों पर मुकदमा दर्ज करा दिया। मगर जब शासन तक मामला पहुंचा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की गई।।
बरेली से कपिल यादव
