कोरोना ने बाजार मे होली का रंग किया फीका, 50 फीसदी तक कारोबार मंदा

बरेली। कोरोना का संक्रमण बढ़ने से बाजार पर इसका असर दिखने लगा है। खासकर होली को लेकर कारोबारी फूंक-फूंककर कदम उठा रहे है। अधिकतर कारोबारियों ने होलियाना टोपी, मुखौटा, कार्टून कैरेक्टर पिचकारी आदि का नया स्टॉक नहीं मंगाया है। वे पिछला माल ही खपाने में लगे है। ऐसे में बाजार में 50 फीसदी तक कारोबार मंदा होने का अनुमान है। होली में अब मात्र छह दिन शेष है। ऐसे में रंग-गुलाल के साथ-साथ पिचकारी और कपड़ों के थोक बाजार तो तैयार है। मगर फुटकर दुकानदार कोरोना की दूसरी लहर को पूरी तरह से भांप चुके हैं। कई राज्यों में लॉकडाउन लगने के बाद फुटकर दुकानदारों को यहां भी हालात ठीक नहीं लग रहे हैं। यही वजह है कि फुटकर दुकानदार थोक विक्रेताओं से माल का स्टाक कम उठा रहे हैं। जिस वजह से थोक बाजार को बड़ा झटका लग रहा है। रंगो का त्यौहार इस बार 29 मार्च को मनाया जाएगा। जिसको देखते हुए शहर में बड़ा बाजार, शास्त्री मार्केट में रंग-गुलाल और पिचकारी की थोक की दुकानें सज गई हैं। इस बार थोक विक्रेताओं को होली के पर्व से बहुत सी उम्मीदें थी। जिसको लेकर थोक विक्रेताओं ने क्षमता से ज्यादा स्टाक तैयार कर रख लिया था। लेकिन कोरोना की दूसरी लहर ने थोक कारोबारियों को बड़ा झटका दिया है। कोरोना की दूसरी लहर को फुटकर दुकानदार पूरी तरह से भांप चुके हैं। यहीं वजह है कि वह थोक कारोबारियों से उतना ही माल उठा रहे हैं जितना वह दो से तीन दिन में खपा सकें। फुटकर विक्रेताओं को भी माल और पैसा फंसने का डर बना हुआ है। दूसरे राज्यों में कोरोना के केस बढने का असर यहां पर भी दिखाई दे रहा है। लोगों के मन में कई तरह की आशंकाएं है। दुकानदारों को डर है कि पिछले साल की तरह स्टाक बच गया तो उनका काफी नुकसान हो जाएगा। ऐसे में माना जा रहा है कि होली की पूरी रंगत इस बार भी नही लौटेगी। जिस वजह से थोक दुकानदारों के चेहरों पर मायूसी सी छाई हुई है। सरकार व प्रशासन की ओर से लोगों को सजग करने का अभियान तेज हो गया। पूरे देश में गतिविधि तेज हो गयी है। इसका असर होली पर दिखने लगा है और होली का रंग फीका होने की संभावना है। बाजार में पिछले वर्ष की तरह रौनक नहीं है। बाजार में होली के लिए पिचकारी का भी स्टाक आ गया है। मोती पार्क के पास पिचकारी का काम करने वाले सतीश अरोरा ने बताया कि इस बार चीन का माल नही आया है। 20 रुपये से लेकर 500 रुपये तक की पिचकारी बाजार में हैं। बच्चे पानी से न भीगें, इसलिए गुलाल वाली पिचकारी भी आई है। गुलाल बम भी बच्चों को पसंद आते हैं। मुखौटे और रंग-बिरंगी बिग भी बिक रही है। कोरोना वायरस का असर होली पर भी देखा जा रहा है। अभी तक तो लोग दुकानों से पिचकारी व रंग खरीदने से गुरेज कर रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि यदि होली के दिन भी यही हाल रहा तो काफी नुकसान झेलना पड़ेगा।।

बरेली से कपिल यादव

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