बरेली। कोपल अस्पताल से शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। अस्पताल के एनआइसीयू मे भर्ती नवजात फोटो थैरेपी मशीन से गिरा और 15 मिनट तक फर्श पर पड़ा तड़पता रहा। न तो किसी ने उसके रोने की आवाज सुनी और न ही कोई उसे देखने गया। एक अन्य महिला जब अपने बच्चे को देखने गई तो उसने नवजात के पिता को बताया। हंगामे के बाद वह अपने बच्चे को लेकर दूसरे अस्पताल पहुंचे जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। इस मामले मे नवजात के पिता ने अस्पताल के दो डॉक्टर और स्टाफ के विरुद्ध बारादरी थाने मे मुकदमा दर्ज कराया है। नवाबगंज के ईंध जागीर निवासी नीरेंद्र ने पुलिस को बताया कि उनके नवजात शिशु को पीलिया की शिकायत हो गई थी। उन्होंने बच्चे को कोपल अस्पताल में भर्ती कराया। आरोप है कि वहां डा. अभिषेक एवं डा. स्मृति ने बच्चे को फोटो थैरेपी मशीन में रखने की सलाह दी। इस पर वह तैयार हो गए। आरोप है कि अगले ही दिन डाक्टर व स्टाफ की लापरवाही की वजह से उनका बच्चा फोटो थैरेपी मशीन से नीचे गिर गया। वह करीब 15 मिनट तक जमीन पर पड़ा तड़पता रहा। रोता रहा लेकिन किसी ने उसे उठाना तो दूर देखा तक नहीं। एनआइसीयू मे मौजूद एक महिला ने इसकी जानकारी नीरेंद्र को दी तो वह दौड़ते हुए एनआइसीयू पहुंचे। उन्होंने बच्चे तो देखा कि बच्चे की हालत पहले से भी काफी ज्यादा खराब हो गई थी। उसे चोट भी लगी थी उसके गाल पर सूजन भी आ गई थी। बच्चे की हालत बिगड़ती देख नीरेंद्र तत्काल वहां से बच्चे को डिस्चार्ज कराकर डा. अशोक मेंहदीरत्ता के यहां पहुंचे। उन्होंने भी बच्चे की हालत गंभीर बताई। नीरेंद्र का आरोप है कि डाक्टर और स्टाफ की लापरवाही की वजह से ही उनके बच्चे की हालत और ज्यादा बिगड़ी है। मामले में पुलिस ने अस्पताल के डा. अभिषेक, डा. स्मृति और अस्पताल के अन्य स्टाफ के विरुद्ध प्राथमिकी लिख ली है। नीरेंद्र ने पुलिस को बताया कि बच्चा गिरने से लेकर उसे उठाने तक की पूरी घटना अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई है।।
बरेली से कपिल यादव
