बरेली। अवैध खनन पर कार्रवाई को गई टीम पर जानलेवा हमले के 24 आरोपियों को पुलिस ने शनिवार को जेल भेज दिया। 18 अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं और उत्तराखंड बॉर्डर पर रेता-बजरी ढोने वाले वाहनों की निगरानी भी बढ़ा दी गई है। जांच में सामने आया है कि रॉयल्टी चोरी का यह खेल ‘ ओवरलोड खनन ग्रुप’ द्वारा संचालित किया जा रहा है। यह खुलासा होने के बाद इसमें कई सफेदपोश और रसूखदारों का फंसना तय माना जा रहा है। बहेड़ी में हुई घटना के बाद शनिवार को उत्तराखंड बॉर्डर स्थित मुड़िया टोल का माहौल बदला हुआ नजर आया। निगरानी बढ़ने के बाद खनन अधिकारियों ने बिना रॉयल्टी कटे एक भी वाहन शनिवार को नहीं गुजरने दिया। सख्ती के चलते ओवरलोडिंग पर भी रोक लग गई, जिसके चलते शनिवार को आम दिनों की अपेक्षा रेता बजरी लेकर यहां से काफी कम डंपर गुजरे। बता दें कि शुक्रवार को डीएम के निर्देश पर गठित टीम ने यहां 37 ट्रकों को पकड़ने के बाद खनन अधिकारी की ओर से 42 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इनमें से 24 आरोपियों को गिरफ्तार कर शनिवार को जेल भेज दिया गया। फरार चल रहे 18 आरोपियों की तलाश जारी है। इसके लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं, जो उनके निवास वाले थानों की पुलिस की मदद से धरपकड़ में जुटी हैं। कुछ संदिग्ध पुलिस की हिरासत में हैं, जिनसे अभी पूछताछ की जा रही है। इस पूरे प्रकरण मे कुछ इलेक्ट्रानिक मीडिया के कर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। पुलिस इसकी भी जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि इस पूरे प्रकरण में जो भी लोग शामिल होंगे। उनमें से किसी को भी नही छोड़ा जाएगा। घटनाक्रम के बाद कुछ मीडियाकर्मी सक्रिय हो गए। बताते है कि इसमें उनका भी नाम शामिल किया जा सकता है। ऐसा नही है कि यह घटनाक्रम पहली बार हुआ है। इस घटना के बाद शनिवार को एसपी नॉर्थ मुकेश चंद्र मिश्र पूरे दिन बहेड़ी मे बने रहे। थाने में कार्रवाई की समीक्षा के बाद वह उत्तराखंड बॉर्डर पर बने चेक प्वाइंट पर पहुंचे। सीओ बहेड़ी अरुण कुमार सिंह के साथ उन्होंने कार्रवाई को लगाई टीम को आवश्यक दिशानिर्देश दिए। एसपी नॉर्थ ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर अवैध खनन रोकने के लिए तीन टीमें लगाई गई हैं। प्रत्येक टीम आठ-आठ घंटे की ड्यूटी कर 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित करेगी। उन्होंने बताया कि रेकी करने वालों की तलाश में भी टीमें लगी हुई है।।
बरेली से कपिल यादव
