एटीएस ने नकली सोने के सिक्के, दोमुंहा सांप के नाम पर ठगी करने बाले छह जालसाज गिरफ्तार

बरेली। मुख्यालय के इनपुट पर एटीएस की बरेली टीम ने ठग गिरोह का भंडाफोड़ कर सरगना समेत छह ठगों को गिरफ्तार किया है। वे लोग एके-47 जैसे स्वचालित हथियार, दो मुंहा सांप, जादुई सिक्के और जमीन के अंदर देखने वाला चश्मा बेचने का झांसा देकर लोगों से ठगी करते थे। एटीएस के बरेली प्रभारी नवनीत कुमार की ओर से उनके खिलाफ थाना कैंट मे धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया है। ठग गिरोह मे उत्तराखंड, पंजाब से लेकर पीलीभीत और लखीमपुर खीरी तक के आरोपी शामिल है। इनके मोबाइल की जांच मे कई चौंकाने वाली जानकारी मिली है। एटीएस मुख्यालय को सूचना मिली थी कि एक गिरोह देश विरोधी गतिविधियों और स्वचालित हथियारों की खरीद फरोख्त के कार्य मे संलिप्त है। इस गिरोह का सरगना पीलीभीत के गांव भदसरा निवासी गुरदेव सिंह उर्फ काके पुत्र गुरवचन सिंह है। वह अपने सात साथियों उत्तराखंड मे गदरपुर के वार्ड दो निवासी अमित, ऊधम सिंह नगर मे सितारगंज के गोथा का अमरजीत सिंह, लखीमपुर खीरी मे थाना पलिया कलां के गांव फुलवरिया का हरिओम निषाद, थाना भीरा में मोहल्ला मनिहारन वार्ड 10 का मोहम्मद सलीम, पीलीभीत मे पूरनपुर के मोहल्ला ढका का शकील अहमद इदरीशी, पंजाब में पटियाला के थाना सनौर निवासी हरदीप सिंह और पीलीभीत में शारदा हास्पिटल के पीछे वार्ड एक नौगवां पकड़िया निवासी प्रदीप कुमार के साथ इस काम को कर रहा है। इनपुट के आधार पर इंस्पेक्टर नवनीत कुमार, विक्रम सिंह, वसुदेव राणा, एसआई राहुल और हेड कांस्टेबल कमल चौरसिया के नेतृत्व में पांच टीमें बनाकर आरोपियों की तलाश में भेजी गई। इन टीमों ने गुरदेव सिंह उर्फ काके, अमित, हरिओम निषाद, हरदीप सिंह, मोहम्मद सलीम और शकील अहमद इदरीशी को हिरासत में ले लिया। सभी को एटीएस के बरेली ऑफिस लाकर पूछताछ की गई और फिर सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। एटीएस ने सभी आरोपियों के मोबाइल भी जब्त कर लिए। जब उनके मोबाइल की जांच की गई तो उसमें एके-47, दो मुहा सांप, काली हल्दी की मूर्ति, सोने के सिक्के और एक चश्मे के फोटो मिले। आरोपियों ने बताया कि अंधविश्वास का फायदा उठाकर उनका गिरोह लोगों को फंसाकर ठगी करता है। व्हाट्सएप पर इन चीजों के फोटो भेजकर बेचने के नाम पर ठगी की जाती थी। बताया कि चश्मे को बेचने के दौरान वे लोग बताते थे कि उससे जमीन के नीचे गड़ा धन देखा जा सकता है। इसी तरह दो मुंहा सांप और काली हल्दी की मूर्ति को भी बेचा जाता था। तांबे सिक्के में वे लोग पतले तार के जरिये भीगे चावल चिपका देते थे, जिसे लोग जादुई सिक्का समझकर उनके जाल में फंस जाते थे। पार्टी जब उनके जाल में फंस जाती थी तो वे लोग रकम लेकर फरार हो जाते थे। मगर जब उन्हें पकड़कर पूछताछ की गई तो यह सिर्फ ठगी का मामला निकला। इसके बाद गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों को कैंट पुलिस के हवाले कर उनके खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में थाना कैंट में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई।।

बरेली से कपिल यादव

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