बरेली। चार साल के बाद रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग ने शहदाना से इज्जतनगर कुदेशिया तक अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान शुरू किया। आरपीएफ के साथ बुल्डोजर टीम पहुंची तो वहां लोगों के बीच नोकझोंक हुई। रेलवे ने किसी की नही सुनी। जो अवैध निर्माण थे, उनको तोड़ दिया। पहले दिन 700 मीटर तक अतिक्रमण हटाया। बुधवार को भी अभियान जारी रहेगा। डीआरएम के निर्देश पर अब फिर से इंजीनियरिंग विभाग ने अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया है। 2012 से अब तक 200 से अधिक लोगों को नोटिस भी दिए जा चुके है। शहामतगंज से इज्जतनगर रेलवे वर्कशॉप तक जाने वाली रेल लाइन पर 50 साल पहले बाबू ट्रेन का संचालन होता था। लेकिन ट्रेन का संचालन बंद होने से रेलवे की सैकड़ों वीघा जमीन पर अवैध कब्जे हो गए। शहामतगंज रेलवे स्टेशन भी अवैध कब्जों मे दफन हो गया। लोगों ने अवैध कब्जे कर पक्के निर्माण करा लिए। रेलवे ने अतिक्रमण को चिह्नित किया था। कई वार नोटिस दिए जाने के बाद भी लोगों ने कब्जा नही हटाया। पूर्व में भी कई वार रेलवे की तरफ से कब्जे हटवाए जा चुके है। मंगलवार सुबह 11 बजे रेलवे के अधिकारी, जीआरपी, आरपीएफ और बारादरी पुलिस कब्जे हटाने के लिए पहुंची। ईट पजाया चौराहे के पास बुलडोजर चला तो खलबली मच गई। रेलवे की जमीन पर हुए अवैध निमांण को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। शाम चार बजे तक अभियान चलाकर 150 अवैध कब्जे हटाए गए। नगर पुलिस चौकी से मिनी बाईपास तिराहे तक मंगलवार को निगम की टीम ने सड़क से अतिक्रमण हटाया। इस दौरान 15 से 20 पक्के निर्माणों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। एक्सईएन राजीव राठी के अनुसार बारिश से पहले नाला निर्माण होना है।।
बरेली से कपिल यादव
