बरेली, हाथरस। यूजीसी के विवादित नियमों के खिलाफ बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने बाले पीसीएस अफसर अलंकार अग्निहोत्री ने अब आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी थी कि यदि 6 फरवरी तक यूजीसी बिल वापस नही लिया गया तो वह दिल्ली कूच करेंगे। अब इसी क्रम में उन्होंने अपनी ‘सनातन स्वाभिमान यात्रा’ का पूरा रोडमैप सार्वजनिक कर दिया है। अलंकार ने ठीक 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस के दिन शंकराचार्य के अपमान और यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ इस्तीफा दिया था। हालांकि अभी तक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है। उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। अलंकार अग्निहोत्री ने स्पष्ट किया है कि उनकी यह पदयात्रा हाथरस के शहीद स्मारक (आगरा रोड) से शुरू होगी। यात्रा का मुख्य उद्देश्य यूजीसी के नए नियमों और एससी-एसटी एक्ट जैसे कानूनों का विरोध करना है, जिन्हें वह ‘काले कानून’ की संज्ञा दे रहे हैं। यात्रा के कार्यक्रम बताते हुए कहा कि 7 फरवरी की सुबह 9 बजे, शहीद स्मारक, हाथरस से शुरू होगी। यह यात्रा हाथरस और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से होते हुए दिल्ली की ओर बढ़ेगी। 12 फरवरी को शाम 3 बजे यह यात्रा प्रधानमंत्री आवास (लोक कल्याण मार्ग), नई दिल्ली पहुंचेगी। अलंकार अग्निहोत्री का कहना है कि यह यात्रा केवल एक प्रतीकात्मक विरोध नहीं है, बल्कि यह सनातन समाज के स्वाभिमान की रक्षा का संकल्प है। उन्होंने कहा कि यूजीसी के नए नियम शैक्षणिक संस्थानों की गरिमा और निष्पक्षता को प्रभावित करेंगे। साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार को सख्त लहजे में चेताया है कि यदि 7 फरवरी तक एससी-एसटी कानून को वापस नहीं लिया गया या इसमें सुधार नहीं हुआ, तो देशव्यापी आंदोलन होगा। इस यात्रा को सफल बनाने के लिए अलंकार अग्निहोत्री को विभिन्न संगठनों का समर्थन भी प्राप्त हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस पूरी यात्रा के दौरान राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के अध्यक्ष पंकज भी उनके साथ मौजूद रहेंगे। यात्रा के दौरान जगह-जगह जनसभाएं आयोजित की जाएंगी ताकि लोगों को इन कानूनों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जा सके।।
बरेली से कपिल यादव
