बरेली। अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर संयुक्त हमला किया है। इसके बाद खाड़ी देशों मे हालात तनावपूण हो गए है। दुबई, सऊदी, कुवैत, बहरीन समेत अन्य देशों मे उड़ानें बंद कर दी गई है। युद्ध के माहौल के बीच खाड़ी देशों में शहरी क्षेत्र के लोग भी फंसे हुए है। बहरीन मे प्रेमनगर का इंजीनियर परिवार सहित फंस गया है। वही कुवैत मे भी मिसाइल के हमलों से लोग सहम जा रहे है। उमराह पर गया 32 लोगों का जत्था सोमवार की सुबह सुरक्षित भारत लौट आया है। इसके बाद उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है। मिसाइलें गिरती है तो निकल जाती है जान: सीबीगंज थाना क्षेत्र के वंडिया गांव निवासी इफ्तकार हुसैन कुवैत मे टेलीकॉम कंपनी मे काम करते है। वह 15 दिन पहले ही बरेली से कुवेत गए थे। उन्होंने बताया कि कुवैत मे भी लगातार बममारी हो रही है और मिसाइलें गिर रही हैं। धमाके सुनकर जान सी निकल जाती है। फिलहाल अभी किसी तरह का खतरा नही है। सिटी मे अभी किसी तरह की दिक्कत नही है। बार्डर की तरफ आम लोगों को जाने से मना कर दिया गया है। फिलहाल, जो लोग सऊदी, कुवैत और बहरीन मे फंसे हैं, उनके परिजन चिंता में है। वही प्रेमनगर थाना क्षेत्र के मैकेनियर रोड निवासी एडवोकेट गोविंद मोहन सक्सेना ने बताया कि उनका छोटा बेटा मोहित मोहन सक्सेना अपनी पत्नी शीतल और बेटी आराध्या और सहनया के साथ बहरीन मे रहता है। मोहित बहरीन मे 14 साल से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर है। उसकी बेटी की शिक्षा भी वही पर चल रही है। गोविंद मोहन ने बताया कि बेटे से बात हुई तो उसने बताया कि 28 फरवरी को उसके मकान के पास एक मिसाइल आकर गिरी। इसके बाद बेटे का पूरा परिवार सुरक्षित स्थान पर चला गया। गोविंद ने बताया कि कई देशों मे छिड़ी जंग की वजह से उनके परिवार को वहरीन मे रह रहे बेटे और उसके परिवार की चिंता हो रही है। परिवार के लोग चिंता की वजह से रात मे सो भी नही पा रहे है।।
बरेली से कपिल यादव
