बरेली। नगर निगम के निर्माण विभाग मे विकास कार्यों की फाइलों को लटकाना और अनुबंध प्रक्रिया मे देरी करना नगर निगम के लिपिकों को भारी पड़ गया। मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी ने कार्य में लापरवाही बरतने और विभाग की छवि खराब करने के आरोप मे सात लिपिकों का वेतन को तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इस कार्रवाई से विभाग के अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। वहीं अवर अभियंताओं को चेतावनी दी गई है। 15वें वित्त आयोग और अवस्थापना विकास निधि के अंतर्गत स्वीकृत हुए करोड़ों रुपये के काम प्रस्तावित है। विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान यह मामला सामने आया। समीक्षा मे पाया गया कि मुंशीनगर, बड़ी विहार, आकांक्षा होम्स, सहसवानी टोला, गोपाल नगर, नगरिया परीक्षित, संसार इन्कलेव, सुभाषनगर, पटेल बिहार, बाकरगंज, आईवीआरआई रोड़, सिकलापुर, स्वालेनगर, चक महमूद, कटरा रेलवे फाटक, कटघर, परतापुर चौधरी, नंदौसी, सर्वोदय नगर सीबीगंज, किला छावनी, पस्तौर, मॉडल टाउन, छोटी बिहार, सिंधुनगर, इंद्रानगर आदि क्षेत्रों मे नाली और सीसी रोड निर्माण के लिए करोड़ों रुपये का बजट स्वीकृत हो चुका है। इन कार्यों की फाइलें लंबे समय से लंबित थी। लिपिकों की ओर से अभी तक इन कार्यों की तकनीकी और वित्तीय स्वीकृति के बाद संबंधित फर्मों के साथ अनुबंध की प्रक्रिया पूरी नही की गई थी। मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी ने लगातार लापरवाही बरतने पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अनुबंध न होने के कारण कार्य शुरू होने में देरी हो रही है। जिससे जनता को परेशानी हो रही है और विभाग की छवि धूमिल हो रही है। उन्होंने आदेश जारी करते हुए कहा है कि जब तक सभी फाइलों की तकनीकी व वित्तीय स्वीकृति कराकर अनुबंध की प्रक्रिया पूर्ण नहीं कर ली जाती और अवर अभियंता को कार्य शुरू कराने के लिए सूचित नहीं किया जाता, तब तक लिपिक का वेतन जारी नहीं होगा। अवर अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।।
बरेली से कपिल यादव
