नाहल नदी पुनर्जीवित करेगा प्रशासन, किया निरीक्षण

मीरगंज, बरेली। विलुप्त होने की कगार पर पहुंची नाहल नदी को प्रशासन शीघ्र ही पुनर्जीवित करेगा। एसडीएम ने कार्ययोजना बनाने को विभिन्न विभागों की टीमों के साथ नदी का स्थलीय निरीक्षण किया। एसडीएम ने राजस्व टीम को नदी का सीमांकन करने के निर्देश दिए। प्रदेश शासन ने गत वर्ष हर जिले में झील व एक नदी को पुनर्जीवित करने के निर्देश दिए थे। बरेली में इस योजना में आंवला तहसील में लीलौर झील एवं मीरगंज की नाहल नदी को चिह्नित किया था। प्रशासन ने लीलौर झील को पुनर्जीवित कर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया। लेकिन मीरगंज में नाहल नदी का कार्य शुरू होते ही बारिश शुरू हो गई थी। जिससे नदी पुनर्जीवित नही हो सकी थी। बुधवार को उप जिलाधिकारी आलोक कुमार ने ग्राम लभारी के समीप नदी क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विकास विभाग, पंचायत राज विभाग, राजस्व विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने पर विचार-विमर्श किया गया। उप जिलाधिकारी ने नाहल नदी के पुनर्जीवन की समग्र योजना तैयार करने के साथ साथ जलस्तर मे सुधार के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन की मजबूती पर बल दिया। कहा कि नदी के जीर्णोद्धार से न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय किसानों को भी इसका सीधा लाभ प्राप्त होगा। एक सप्ताह में काम शुरू हो जायेगा। नदी रामपुर जिले से होकर मीरगंज के लभारी गांव में प्रवेश करती है। नाहल सिंधौली के नजदीक पीलाखार नदी में मिल जाती है।।

बरेली से कपिल यादव

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