बरेली। जनपद मे बुधवार को दोपहर में एक दम से छाए अंधेरे के बाद हुई बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। दोपहर के बाद तापमान भी गिरकर 25.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10.1 डिग्री सेल्सियस पर आ पहुंचा। मंडल में बरेली दूसरा सबसे ठंडा जनपद रहा। पीलीभीत सबसे ज्यादा कूल-कूल रहा। यहां अधिकतम तापमान 24.5 न्यूनतम 16.0 डिग्री सेल्सियस रहा। सक्रिय पश्चिमी विक्षोम के कमजोर पड़ने के कारण मौसम का अप्रैल में ऐसा बरताव देखने को मिल रहा। शहर में बुधवार की दोपहर तेज हवाएं चलने लगीं। थोड़ी देर में अंधेरा छा गया। दृश्यता कम होने पर लोगों ने बाहनों की लाइटें जला लीं। परों और दुकानों में में भी लाइटें जलने लगी। 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे रफ्तार से चल रही हवाओं के साथ झमाझम बारिश होने लगी। घरों से बाहर निकले लोग छुपने की जगह खोजते नजर आए। शहर की सड़कों पर जलभराव ने लोगो को खासा परेशान किया। भीगत वारिश के बाद मौसम इतना ठंडा हो गया कि लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। आंचलिक मौसम केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार ने बताया कि पिछले 12 से 14 घंटों में बरेली में 10.3 एमएम बारिश हुई। सुबह साढ़े बजे से पहले 1.5 एमएम और उसके बाद 5.0 एमएम चारिश हुई। उन्होंने बताया कि गुरुवार के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। गुरुवार को भी बादल छाए रहने की संभावना जताई गई। वही शहर मे बुधवार को आधे घंटे की बारिश ने नगर निगम की पोल खोल दी। सिटी स्टेशन रोड़ सिटी रेलवे स्टेशन, सिटी मलूकपुर रोड के साथ ही पॉश कॉलोनियों मे जलभराव की स्थिति रही। स्कूल से घर जाने के लिए बच्ची को बारिश के पानी में होकर गुजरना पड़ा। वहीं हजियापुर और जगतपुर में जलभराव से स्थिति खराब रही। हाजियापुर में गंदे पानी से होकर लोगों ने एक जनाजे को निकाला। आधे घंटे की बारिश के चलते गंदगी से पटे नाले उफना गए और गंदा पानी सड़को पर आ गया।।
बरेली से कपिल यादव
