बरेली। टेट (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के विरोध मे यूटा ने मशाल जुलूस निकाला। सैकड़ों शिक्षकों ने शासन और प्रशासन से पुराने शिक्षकों को टेट से मुक्त रखने की मांग की। शनिवार शाम यूटा के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राठौर की उपस्थिति और जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह के नेतृत्व में शिक्षक एकत्र हुए और शील चौराहा राजेंद्र नगर से मशाल जुलूस निकाला, जो शहीद स्मारक पर समाप्त हुआ। इस दौरान प्रदेश ने कहा कि अनुभव का कोई विकल्प नही है और योग्यता की पहचान वर्षों के समर्पण से होती है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि यूटा बरेली का टेट के खिलाफ स्पष्ट विरोध है। जिन शिक्षकों ने 10-15 वर्षों से विपरीत परिस्थितियों मे बेसिक शिक्षा की नींव मजबूत की। आज उनकी योग्यता को एक पात्रता परीक्षा की कसौटी पर कसना न्यायसंगत नही है। सेवा के बीच मे नए नियम लागू करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है। मशाल जुलूस मे प्राथमिक शिक्षक संघ, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, महिला शिक्षक संघ, विशिष्ट बीटीसी अटेवा आदि संगठन शामिल हुए। मंडल अध्यक्ष विनोद शर्मा, केसी पटेल, जितेंद्र पाल सिंह, तेजपाल मौर्य, हरीश बाबू, हेमंत कुमार, राज पल्याल, डॉ योगेश शर्मा, मानवेन्द्र यादव, सतेंद्र पाल सिंह, अरविंद गुर्जर, रमेश मौर्या, रामकिशन मौर्य, सत्यार्थ पाराशरी, पवन दिवाकर, ललित चौधरी आदि मौजूद रहे।।
बरेली से कपिल यादव
