बरेली। जनपद के 20 केंद्र पर दो पालियों मे आयोजित ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (टीजीटी) परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़े के दो मामले पकड़ लिए गए। शहर के दो केंद्रों पर दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दे रहे दो सॉल्वर गिरफ्तार कर लिए गए। इनमें से एक आजमगढ़ का और दूसरा अमेठी जिले का निवासी है। दोनों के खिलाफ कोतवाली व बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पहली पाली की परीक्षा के दौरान इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज मे जब स्टेटिक मजिस्ट्रेट और कॉलेज प्रशासन की टीम अभ्यर्थियों के सत्यापन को निकलीं तब परीक्षा दे रहे एक युवक के हाव-भाव देखकर टीम को संदेह हुआ। अधिकारियों ने तुरंत उसके प्रवेशपत्र, पहचान पत्र और थंब इम्प्रेशन का मिलान कराया। बायोमेट्रिक डेटा मैच न होने पर जब अधिकारियों ने पूछताछ की तब परीक्षा दे रहे युवक ने अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी प्रमोद कुमार ने बताया कि वह आजमगढ़ का निवासी है। वह फर्रुखाबाद निवासी अभ्यर्थी विमल कुमार के स्थान पर परीक्षा देने बरेली पहुंचा था। इस फर्जीवाड़े के लिए प्रमोद और विमल के बीच डेढ़ लाख रुपये का सौदा तय हुआ था। प्रमोद ने विमल से एडवांस के तौर पर कुछ रकम ले ली थी, जबकि बाकी रकम परीक्षा पास होने के बाद मिलनी थी। कोतवाली में केंद्र व्यवस्थापक चमन जहां की ओर से रिपोर्ट दर्ज की गई है, पुलिस असली अभ्यर्थी विमल की तलाश में जुट गई है। दूसरा सॉल्वर बरेली कॉलेज ए ब्लॉक में पकड़ा गया। इसका नाम राम मनोहर प्रजापति है। वह अमेठी शहर के ककवा का निवासी है। राम मनोहर ने बताया कि वह रविंद्र नाम के अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दे रहा था। बारादरी थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह ने बताया कि इस मामले में अभी यह जानकारी नहीं हो सकी है कि वह रविंद्र कहां का निवासी है और कितनी रकम में सौदा हुआ था। केंद्र व्यवस्थापक की ओर से तहरीर मिलने के बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी, आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। एडीएम सिटी अविनाश त्रिपाठी ने बताया कि टीजीटी परीक्षा में पहली पाली में दो अभ्यर्थियों की जगह दूसरे लोग परीक्षा देने पहुंच गए। प्रवेश के समय से ही इनका डेटा मिसमैच हो रहा था, गहन जांच में फर्जीवाड़ा पकड़ा गया तो दोनों को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया गया। दोनों जगह केंद्र व्यवस्थापकों की ओर से मामला दर्ज किया जा रहा है।।
बरेली से कपिल यादव
