बरेली। मोहर्रम को लेकर पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। जनपद में निकलने वाले 883 जुलूसों में ड्रोन और आई ट्रिपल सी के सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। वही गुरुवार को एसपी सिटी मानुष पारीक ने पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों ने जोगीनवादा में मोहर्रम को लेकर पैदल गश्त भी किया। शहर मे निकलने वाले मोहर्रम के जूलूस में शांति व्यवस्था खराब न हो इसके लिए पुलिस ने पूरी तैयारी कर रखी है। सुबह से लेकर रात तक पीएसी और क्यूआरटी की टीमें अलर्ट मोड में रहेंगी। छोटी सी भी सूचना को गंभीरता से लिया जाएगा। साथ ही सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से भी संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जाएगी। शुक्रवार निकलने वाले मोहर्रम के जुलूस को लेकर पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए एक कंपनी पीएसी के साथ थाना स्तर पर 38 क्यूआरटी बनाई गई है। यह टीमें सुबह से लेकर रात तक अलर्ट रहेगी। इसके साथ ही शहर में तीन क्यूआरटी टीमें लगातार घूमकर नजर रखेंगी। वहीं भीड़ और गलियों में कोई खुराफात न हो सके इसके लिए सीसीटीवी और ड्रोन कैमरा से नजर रखी जाएगी। साथ ही नगर निगम में बने आईसीसीसी में भी पुलिस की ड्यूटियां लगाई जाएगी। जिससे शहर के हर कोने पर पुलिस की नजर बनी रहे। एसपी ट्रैफिक मो अकमल खान ने कहा रेलवे स्टेशन, चौकी चौराहा, गांधी उद्यान, डेलापीर, बैरियर-2 और विलयधाम का मार्ग सामान्य दिनों की तरह संचालित रहेगा। पुलिस ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि भीड़भाड़ से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें और यातायात नियमों का पालन करे। जनपद में मोहर्रम पर कुल 883 जुलूस निकलेंगे। इनमें से कोतवाली व प्रेमनगर में चार-चार, कैंट, बिथरी व सिरौली में 24-24, किला में 28, सीबीगंज में 61, बारादरी में 31, इज्जतनगर में 16, मीरगंज में 26, शाही में 54, आंवला में आठ, अलीगंज में 17, भमोरा, फतेहगंज पूर्वी में 15-15, बिशारतगंज में 19, फरीदपुर में 38, भुता में 20, बहेड़ी में 81, देवरनिया में 48, शीशगढ़ में 47, शेरगढ़ में 49, भोजीपुरा में 64, फतेहगंज पश्चिमी में 35, नवाबगंज में 94, हाफिजगंज में 28 और क्योलड़िया में नौ जुलूस निकलेंगे। इसके अलावा 30 अन्य आयोजन भी होंगे। तय रास्तों से ताजिए लेकर पहुंचेंगे अकीदतमंद : बरेली। कर्बला के 72 जानिसारों की याद में मोहर्रम यानी यौम-ए-आशूरा का जुलूस शुक्रवार को सड़कों पर नजर आएगा। 548 के करीब ताजिए, छड़ के जुलूस होंगे। शिया और सुन्नी समुदाय के लोग ताजिये का जुलूस निकालेंगे। सुन्नी समुदाय देहात से लेकर शहर के विभिन्न स्थानों से अपने तय रास्तों से बाकरगंज कर्बला में ताजिये, छड़ लेकर पहुंचेंगे। जबकि शिया समुदाय मातम जुलूस के साथ स्वाले नगर कर्बला पहुंचे। दोनों स्थानों पर ताजिये सुपुर्दे खाक किए जाएंगे। जहां से ताजिये, छड़ निकलेंगे वहां बिजली के तार, पेड़ मुसीबत बनेंगे। मुहर्रम के महीने में ताजिया, छड़ और तखत का जुलूस निकलते है। जिसकी लंबाई करीब 15 फीट से ऊपर होती है, संकरी गलियों से होकर ताजिया को निकालना, सैंकड़ों की तादाद में ताजियादारों का साथ चलना और तंग गलियों से होते हुए मुख्य मार्गों से सीधे कर्बला तक जाना परेशानी का सबब बनता है। तख्त के ये जुलूस शहर के कई रास्तों से होकर गुजरते हैं। ईदरगाह मैनेजमेंट कमेटी के पदाधिकारियों का कहना है कि हर साल की तरह इस बार भी ताजिये के जुलूस अपने कदीमी रास्तों से होते हुए बाकरगंज कर्बला पहुंचेंगे। इसमें ताजिये और छड़ जुलूस होंगे।।
बरेली से कपिल यादव
