बरेली। जिला महिला अस्पताल से 21 दिन की नवजात चोरी होने का मामला झूठा निकला है। दुधमुंही गायव नही हुई थी, बल्कि अब्बू-अम्मी ने बहेड़ी के निसंतान दंपती को सौंप दिया था। समाज की नजरों में सच पर परदा डालने को परिवार ने बच्ची चोरी होने की फर्जी कहानी गढ़ दी थी लेकिन पुलिस और स्वास्थ्य झूठ अफसरों के सवालों के आगे सकुशल बरामद कर सीडब्ल्यूसी को सौप दिया है। वच्ची को दान देने टिक नही सका। पुलिस ने वच्ची को के पीछे दंपती ने तीसरी बेटी पैदा होने और गरीबी मे उसका पालन-पोषण नही की बात कही है लेकिन पुलिस झूठी घटना बनाने के मामले मे उनके खिलाफ कार्रवाई करने वाली है। एक दिन पहले जिला महिला अस्पताल मे उस समय हड़कंप मच गया था जब पुलिस के पास वहां से बच्ची चोरी होने और मां के वेसुध पड़े मिलने की सूचना आई थी। इज्जतनगर थाना क्षेत्र के गांव परतापुर चौधरी मे रहने वाले मकसूद नामक शख्स ने रात कशीव 9 बजे ने डायल 112 पर वच्ची चोरी होने की बात कही थी। पता होते थाना इज्जतनगर पुलिस भी गांव ही ने पहुंच गई। पूछताछ मे मकसूद कहा था कि वह अपनी पत्नी शवाना के साथ बच्ची का का जन्म प्रमाण पत्र लेने के लिए जिला महिला अस्पताल गया था। वहां पत्नी को किसी ने नशा देकर वच्ची चोरी कर ली। घटना की तह में जाने को पुलिस ने अस्पताल के सीसीटीवी खंगाले लेकिन घटना का कोई सबूत सामने नहीं आया। मकसूद की कहानी इसलिए भी संदेह के दायरे मे आ गई क्योंकि शुक्रवार को रामनवमी के वजह से अवकाश था और छुट्टी के दिन अस्पताल जन्म प्रमाणपत्र नही बनाए जाते है। पुलिस ने सवालों की बौछार की तो मकसूद ज्यादा देर टिक नही सका और सच बयां कर दिया। आरोपी मकसूद व शवाना पुलिस हिरासत मे है।।
बरेली से कपिल यादव
