बरेली। सैटेलाइट बस स्टैंड पर हुए हादसे के लिए जिम्मेदार कौन, यह जानने के लिए हर कोई नगर निगम की ओर देख रहा है। हरदोई के ट्रक ड्राइवर की मौत के मामले में किस पर गाज गिरे, इस सवाल का जवाब जांच रिपोर्ट से ही मिल सकता है। सेटेलाइट बस स्टैंड पर नाले मे गिरकर तौहीद की मौत के मामले मे नगर निगम के आठ अधिकारियों पर शिकंजा कस सकता है। शासन से 48 घंटें मे रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने अपर नगर आयुक्त शशिभूषण राय और अधिशासी अभियंता राजीव कुमार राठी को प्रकरण की जांच सौंपी है। जांच घेरे में स्वास्थ्य और निर्माण विभाग के अधिकारी है। सेटेलाइट बस स्टैंड पर मंगलवार रात नाले मे गिरकर हरदोई के शाहबाद निवासी 30 वर्षीय तौहीद की मौत हो गई थी। 30 घंटे चले तलाशी अभियान के बाद तौहीद का शव नाले से निकला जा सका था। नगर निगम के अधिकारियों ने जिस ठेकेदार से पिछले साल नाले की सफाई कराई थी, उसने सफाई के दौरान स्लैब तोड़ा था, लेकिन तोड़ने के बाद उसे सही नहीं कराया। स्वास्थ्य विभाग और निर्माण विभाग के अधिकारी भी इससे अनजान बने रहे, जबकि स्थानीय लोगों के साथ परिवहन निगम के अफसरों खुले नाले पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे ढकवाने के लिए पत्र भी लिखे, इससके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नाले की सफाई के बाद मैनहोल खुला छोड़ दिया गया था। वही शासन ने नगर निगम से 48 घंटे में घटना की जांच रिपोर्ट मांगी है। इसमें 24 घंटे बीत चुके हैं और उम्मीद है शनिवार शाम तक रिपोर्ट भेज दी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। जांच में स्वास्थ्य विभाग के दो अधिकारी, सफाई निरीक्षक, सफाई नायक और निर्माण विभाग के तीन इंजीनियर, एक सुपरवाइजर और ठेकेदार की भूमिका संदेह के घेरे में है। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद इनकी गर्दन नपना लगभग तय है।।
बरेली से कपिल यादव
