* बिना कार्य भुगतान के आरोप साथ ही उच्च स्तरीय जांच और सख्त कार्रवाई की मांग : रविन्द्र सिंह भाटी
राजस्थान/बाड़मेर- शिव विधानसभा क्षेत्र से विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को एक विस्तृत पत्र लिखते हुए पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। यह पत्र न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है, बल्कि ग्रामीण स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति को भी उजागर करता है।
विधायक भाटी ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि “भारत गांवों में बसता है” जैसी अवधारणा केवल कथनों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे जमीनी स्तर पर लागू करना सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन जैसे महत्वाकांक्षी अभियान का उद्देश्य ग्रामीण भारत को स्वच्छ, स्वस्थ और सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है, लेकिन शिव क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में यह योजना केवल कागजों तक सीमित होकर रह गई है।
पत्र में उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि कई ग्राम पंचायतों में न तो नियमित सफाई कार्य हो रहा है और न ही कचरा संग्रहण के लिए आवश्यक संसाधन जैसे वाहन आदिउपलब्ध कराए गए हैं। इसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों में गंदगी के ढेर लग गए हैं, जिससे आमजन में असंतोष और नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने इसे न केवल प्रशासनिक विफलता बताया, बल्कि सरकार की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव डालने वाला बताया।
सबसे गंभीर आरोप वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सामने आया है। विधायक भाटी ने पत्र में उल्लेख किया कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति के निकट कुछ अधिकारी और संबंधित ठेकेदार मिलकर ग्राम विकास अधिकारियों पर बिना कार्य किए ही भुगतान करने का दबाव बना रहे हैं। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाला कृत्य बताते हुए कहा कि यह सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का स्पष्ट उदाहरण है और यदि समय रहते इसे नहीं रोका गया, तो यह बड़े वित्तीय घोटाले का रूप ले सकता है।
विधायक ने मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि इस पूरे मामले की तत्काल उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच करवाई जाए तथा दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत कार्य केवल कागजों में नहीं, बल्कि धरातल पर प्रभावी रूप से दिखाई दें और बिना कार्य किए किसी भी प्रकार का भुगतान पूर्णतः रोका जाए।
— राजस्थान से राजूचारण
