बरेली। सिविल लाइन स्थित मस्जिद नौमहला शरीफ मे दरगाह नासिरी पर 121 वां उर्स शानो-शौकत के साथ मनाया जा रहा है। दरगाह पर सहरी हुई। फज की नमाज के बाद कुरआन की तिलावत हुई। दरगाह के सज्जादानशीन ख्वाजा सुल्तान अहमद नासिरी ने अकीदतमंदों के हक में दुआ की। गुरुवार शाम महफिले समा में फनकारों ने कलामों के जरिये बुजुर्गों की रूहानी शख्सियत को वयां किया। अकीदतमंदों ने दरगाह पर गुलपोशी-चादरपोशी कर दुआएं मांगी। असर-मगरिव के दरम्यान नासिर मियां के कुल की रस्म अदा की गई। ख्वाजा सुल्तान अहमद नासिरी ने मुल्क और आवाम की सलामती, तरक्की व भाईचारा की दुआ की। दरगाह प्रवक्ता पम्मी खान वारसी ने सूफियाना महफिल में सादगी पर जोर दिया। कहा कि शादियों मे फिजूलखर्ची से बचने की जरूरत है। बच्चों की तालीम और जरूरतमंदों की मदद करें। मगरिब में सामूहिक रोजा इफ्तार का दस्तरख्वान सजा। नमाज के बाद रंग की महफिल हुई। इसी के साथ तीन रोजा उर्स समाप्त हो गया। नायव सज्जादानशीन ख्वाजा सलमान अहमद नासिरी, ख्वाजा शायान हसन नासिरी, ख्वाजा वसीम अहमद नासिरी, सूफी वसीम मियां नासिरी साबरी, साबिर नासिरी, शाहिद रजा नूरी, फहीममार खां, सरवत अली, सलमान, मोहम्मद शाहिद कुरैशी आदि मौजूद रहे। कुरान मुकम्मल होने का जश्न मनाया: खन्नू मुहल्ले की वावा मियां मस्जिद में 14वें रमजान को कुरआन मुकम्मल होने का जश्न मनाया गया। मस्जिद के इमाम मुफ्ती आजम मंजरी को मुबारकबाद पेश की गई। कुरान मुकम्मल होने के जश्न में उलमा ने इस मुवारक महीने की अजमत बयान की। मुफ्ती सलीम नूरी, हाजी नौशाद अली खां, डॉ. परवेज मूरी, डॉ. वसी अनवर, पम्मी वारसी, हाजी शाहयाज खान, सय्यद अर्सलान अली, जफर अनवर आदि मौजूद रहे।।
बरेली से कपिल यादव
