बरेली। गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा गुरु गोविंद सिंह नगर मे पंचम पातशाह गुरु अर्जुन देव के पावन प्रकाश पर्व को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत रहिरास साहिव के पाठ से हुई। इसके बाद दरवार में रागी जत्थों ने गुरवाणी कीर्तन कर संगत को भाव-विभोर कर दिया। हजूरी रागी भाई हरमीत सिंह ने जपिओ जिनि अर्जन देव गुरु शबद का गायन किया। वही पंथ प्रसिद्ध कीर्तनी भाई सहिजदीप सिंह ने विभिन्न रागों में गुरवाणी से संगत को मुग्ध कर दिया। उन्होंने साहिवजादा वावा जुझार सिंह के जन्मदिवस को समर्पित शवद जमिया पूत भगत गोविंद का भी प्रस्तुत किया। ज्ञानी जी ने बताया कि गुरु अर्जुन देव का जन्म 1563 में गुरु रामदास और माता भानी के घर हुआ था। उन्होंने 1604 में श्री हरमंदिर साहिव में श्री गुरु ग्रंथ साहिव का संपादन पूर्ण किया। तरनतारण, करतारपुर सहित कई नगर बसाए। अरदास और हुकुमनामा के उपरांत सुखासन की सेवा हुई। संगत ने पंक्ति में बैठकर गुरु का लंगर ग्रहण किया। संचालन मलिक सिंह कालड़ा ने किया। प्रबंधक कमेटी ने संगत को प्रकाश पर्व और वावा जुझार सिंह के जन्मदिन की बधाई दी। बताया गया कि शुक्रवार को अलौकिक अखंड कीर्तन दरवार आयोजित होगा जिसमें कनाडा से भाई प्रितपाल सिंह जत्थे सहित पहुंचेंगे। वैसाखी पर्व 14 अप्रैल को खालसा ग्राउंड में और 15 अप्रैल को अमृत संचार का आयोजन किया जाएगा।।
बरेली से कपिल यादव
