बरेली। आयुष्मान कार्डधारक मरीजों से अवैध वसूली पर अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई महज रुपये वापस कराने तक ही सीमित न रहे बल्कि जरूरत पड़ने पर मुकदमा दर्ज कराया जाए। यह निर्देश बुधवार को विकास भवन सभागार में मंडलीय समीक्षा बैठक में कमिश्नर भूपेंद्र एस चौधरी ने दिए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए कमिश्नर ने कहा कि सभी गर्भवतियों की प्रसव पूर्व हेपेटाइटिस बी की जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने फैमिली आईडी अभियान की समीक्षा की गई। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि विभाग के बजट के सापेक्ष प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा अलग से की जाए। बजट की धनराशि किन कार्यों में व्यय हो रही है, इसकी समीक्षा जरूर हो। कमिश्नर ने आईसीयू सुविधा वाले बेड बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संचारी रोग नियंत्रण, दस्तक अभियान में घर-घर स्क्रीनिंग के साथ ही आभा आईडी भी बनाने का काम जरूर हो। मंडलायुक्त ने आयुष्मान कार्डधारकों से वसूली की शिकायतों की जांच की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि यदि किसी मरीज से पैसा लिया गया है तो मात्र पैसा वापस न कराया जाए, बल्कि कार्रवाई भी की जाए। नियमित टीकाकरण की समीक्षा में पाया गया कि बर्थ डोज 99 प्रतिशत शिशुओं को दी जा रही है। बैठक में डीएम शाहजहांपुर ने बताया कि चिकित्सा व्यय प्रतिपूर्ति के फर्जी भुगतान के कई प्रकरण सामने आए हैं। चिकित्सा प्रतिपूर्ति के अंतर्गत ऐसे हास्पिटलों के बिल प्रस्तुत किए गए जो धरातल पर हैं ही नही। कमिश्नर ने निर्देश दिया कि चिकित्सा प्रतिपूर्ति का बिल पास करते समय अस्पताल का भी सत्यापन किया जाए। अधिकारियों ने बताया कि इस बार 2582 रुपये मूल्य पर गेहूं क्रय किया जाएगा। मंडल में 538 केंद्र खुल चुके है। हालांकि वर्षा के कारण गेहूं खरीदने का काम प्रभावित हुआ है। बैठक में संयुक्त विकास आयुक्त प्रदीप, डीएम अविनाश सिंह, डीएम पीलीभीत ज्ञानेंद्र सिंह, डीएम शाहजहांपुर धर्मेंद्र प्रताप सिंह, सीडीओ देवयानी, सीडीओ पीलीभीत राजेन्द्र कुमार, सीडीओ बदायूं केशव कुमार, सीडीओ शाहजहांपुर डॉ. अपराजिता सिंह आदि मौजूद रहे।।
बरेली से कपिल यादव
