अवंतीबाई लोधी का जीवन साहसव त्याग का अद्वितीय उदाहरण

बरेली/फतेहगंज पश्चिमी। लोधी महासभा ने रविवार को कस्बा मे वीरांगना अवंतीबाई लोधी का शौर्य दिवस मनाया। विधायक डा. डीसी वर्मा ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वीरांगना अवंतीबाई लोधी को याद करके उनके पग चिन्हों पर चलने का संकल्प दोहराया गया। लोधी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीताराम राजपूत और विधायक डॉ डीसी वर्मा ने कहा वीरांगना अवंतीबाई समाज की नायक थी। विधायक डा. डीसी वर्मा ने कहा कि रानी अवंतीबाई का जन्म 16 अगस्त 1831 को चीनी के जमीदार राव जुझार सिंह के घर हुआ था। रानी अवंतीबाई लोधी तलवार एवं घुड़सवार चलाने में निपुण थी। इनका विवाह रामगढ़ के राजा लक्ष्मण के पुत्र राजकुमार विक्रमादित्य सिंह लोधी से हुआ था। वे 1857 की क्रांति में अंग्रेजों के खिलाफ बहादुरी से लड़ी। लड़ाई में दुश्मनों से घिरने पर उन्होंने अपने सीने में खंजर मार कर बलिदान दे दिया। विधायक ने समाज के लोगों से शिक्षा, संगठन और राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। मौजूद लोगो से अपील करते हुए कहा सभी अपने अपने बच्चों में वीरांगना अवंतीबाई के बलिदान की गाथा को सुनाकर उन्हें उनके पग चिन्हों पर चलने के लिए प्रेरणा दें। संचालन गंगा सहाय राजपूत ने किया। कार्यक्रम मे राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर सीताराम, केपी राना, करण सिंह लोधी, मोती राम लोधी, नेतराम वर्मा, सचदेवा वर्मा, एनएल राजपूत, चन्द्रभान लोधी, सत्यदेव वर्मा, डॉ. प्रेम सिंह राजपूत, वीरेंद्र लोधी, भक्ति सिंह लोधी आदि मौजूद रहे।।

बरेली से कपिल यादव

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