बरेली। जनपद के थाना बारादरी क्षेत्र की रहने वाली युवती ने खुद को आईएएस, एडीएम और एसडीएम बताकर कई युवाओं को नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी कर ली। वह अपनी बहन की मदद से युवाओं को अपने जाल में फंसाती थी। बारादरी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी युवती से पूछताछ शुरू कर दी है। थाना बारादरी क्षेत्र की फाइक इंक्लेव कॉलोनी में रहने वाली प्रीति लॉयल ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2022 में उसकी मुलाकात शिखा पाठक से हुई। जिसने अपनी बहन डॉ. विप्रा शर्मा को एसडीएम पद पर तैनात बताते हुए सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। कहा कि यूपीएसएसएससी के माध्यम से कम्प्यूटर ऑपरेटर की भर्ती में वह नौकरी दिलवा देगी। उसने अपनी बहन से मिलवाने की बात कही तो उन्होंने अपने परिचित तीन अन्य युवाओं को भी इस बारे मे बताया फिर एक दिन वे चारों ग्रीन पार्क मे विप्रा शर्मा, शिखा शर्मा व उनके पिता वीरेंद्र शर्मा से मिलने पहुंचे। वहां डॉ. विप्रा ने नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया और अधिकारियों को देने के लिए कुछ रुपये पहले देने को कहा। प्रीति का कहना है कि आरोपियों की बातों में आकर उन्होंने दो लाख रुपये डॉ. विप्रा के बैंक खाते में जमा किए। उनके साथी आदिल खान ने 1.80 लाख खाते में डाले। मुशाहिद ने 5.21 लाख रुपये नकद दिए और संतोष कुमार ने भी दो लाख रुपये खाते में डाले। कुछ समय बाद आरोपियों ने आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद में तैनाती के कंप्यूटर ऑपरेटर पद के नियुक्तिपत्र उन लोगों को डाक, व्हाट्सएप और ईमेल के जरिए। मगर संदेह होने पर वे लोग लखनऊ में विभूति खंड स्थित संबंधित कार्यालय पहुंचे। वहां जांच मे सभी नियुक्ति पत्र फर्जी पाए गए। गाड़ी पर लिखा रखा था एडीएम एफआर : पीड़िता का आरोप है कि आरोपी महिला खुद को आईएएस अधिकारी बताती थी और कार पर एडीएम एफआर लिखकर सरकारी पद का रौब दिखाकर लोगों को झांसे में लेती रही। जब उन लोगों ने रकम वापस मांगी तो उन्हें देने से इनकार कर दिया गया। इस पर उन लोगों ने डॉ. विप्रा शर्मा और उसकी बहन शिखा पाठक के खिलाफ थाना बारादरी में शिकायत कर रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस फर्जी अफसर बनकर ठगी करने वाली विप्रा वर्मा से पूछताछ कर रही है।।
बरेली से कपिल यादव
