25 एकड़ में विकसित अत्याधुनिक परिसर में भारत – ब्राज़ील सहयोग से डेयरी क्षेत्र को मिली नई दिशा

बरेली में स्वदेशी गौवंश आनुवंशिकी एवं जीनोमिक्स सेंटर का हुआ उद्घाटन

बरेली। उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं डेयरी क्षेत्र को वैज्ञानिक मजबूती देने की दिशा में बरेली स्थित बी.एल. कामधेनु परिसर में स्वदेशी गौवंश आनुवंशिकी एवं जीनोमिक्स हेतु इंटीग्रेटेड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया गया। उद्घाटन प्रदेश के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुण कुमार सक्सेना ने किया।
करीब 25 एकड़ में विकसित इस एकीकृत केंद्र में अत्याधुनिक आईवीएफ–ईटी (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन–एम्ब्रियो ट्रांसफर) लैब, आधुनिक पैथोलॉजी परीक्षण प्रयोगशाला तथा जीनोमिक विश्लेषण की सुविधाएँ स्थापित की गई हैं। इन तकनीकों के माध्यम से नस्ल सुधार, रोगों की शीघ्र पहचान और उच्च गुणवत्ता वाली स्वदेशी नस्लों के तीव्र संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम में ब्राजीलियन एसोसिएशन ऑफ जैबू ब्रिडर्श के प्रतिनिधिमंडल ने भी केंद्र का निरीक्षण किया और भारत–ब्राज़ील के बीच पशु आनुवंशिकी क्षेत्र में सहयोग पर सकारात्मक चर्चा की।
अपने संबोधन में मंत्री श्री सक्सेना ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘360 डिग्री’ समग्र विकास दृष्टिकोण से प्रेरित है, जिसमें पशुधन, जैव विविधता और सतत ग्रामीण विकास को एकीकृत किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह केंद्र स्वदेशी गौवंश संरक्षण, उत्पादन वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *