बरेली। प्राचीन काठाहरा नाथ मंदिर रोहली टोला मे होली के ब्रज-अवध गीतों की सुरमयी संध्या का आयोजन हुआ। हितु मिश्रा ने ब्रज व अवधी के पारंपरिक होली गीत प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। ब्रज के प्रसिद्ध होली गीत खेलन आए श्याम, आ जाए रंग में बोरोरी, तोसे होरी खेलन आऊंगी सुन बरसाने वाली ने भक्तों में उल्लास भर दिया। रसिया को नार बनाबो री जैसे पारंपरिक फाग पर श्रद्धालु झूम उठे। आनंद आश्रम होली आयोजन समिति के तत्वावधान मे सोमवार शाम आनंद आश्रम मे होली कार्यक्रम का आयोजन हुआ। भजन संध्या के साथ फूलों की होली खेली गयी। आरती के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। अवध के सुप्रसिद्ध रचनाकार शिव पूजन शुक्ल की रचना रंग डारो न डालो न डालो पिया ने समां बांध दिया। महादेव की मसाने की होली, होली खेले महादेव कैलाशपति, होली खेलें अवध मे हनुमाना जैसे भजनों ने भक्तजनो को मंत्रमुग्ध कर दिया। सभी ने फूलों की होली खेली, एक-दूसरे को गुलाल लगाया। प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। मंदिर समिति की आयोजिका राधा शर्मा, धनदेवी व शालिनी शर्मा ने शास्त्रीय गायिका डॉ. हितु मिश्रा व सह-कलाकार अनुश्रुति और अनुकृति का चुनरी उढ़ाकर स्वागत किया। संचालन शालिनी शर्मा ने किया। मंदिर अध्यक्ष सुभाष शर्मा, सोम नारायण शर्मा, सौरभ शर्मा आदि उपस्थित रहे। कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, उमानाथ अग्रवाल, अरविंद अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, रजनीश अग्रवाल, आशु अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, अमित अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, सुशांत अग्रवाल, सुशील अग्रवाल, अनूप अग्रवाल, ममता अग्रवाल, बीना अग्रवाल, रीता अग्रवाल, श्रुति अग्रवाल, रश्मि अग्रवाल, राहुल अग्रवाल, प्रेम शंकर अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, सचिन अग्रवाल, शिवकुमार अग्रवाल आदि मौजूद रहे। वही माधवराव सिंधिया पब्लिक स्कूल, शिव गार्डन ब्रांच मे ‘होली के रंग-हरि बोल बैंड के संग’ कार्यक्रम ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विद्यार्थियों ने राधा-कृष्ण की वेशभूषा में पारंपरिक होली गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किए। हरि बोल बैड के गायक विक्रांत और गीता मारवाह ने मेरे बांके बिहारी लाल, तू इतना न करियो शृंगार… “छलिया छलिया मेरे बांके बिहारी छलिया जैसे भजनों से समा बांध दिया। बच्चों ने फूलों की होली खेली।।
बरेली से कपिल यादव
