बरेली। स्टेडियम रोड स्थित निजी अस्पताल मे भर्ती युवक की मौत के बाद परिजनों ने रविवार को जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि पहले अस्पताल प्रबंधन ने उसे सही बताकर छुट्टी कर दी। बाद मे उसे फिर से भर्ती कर लिया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि हॉक्टर की गलती से उनके मरीज की जान गई है। उधर, पुलिस ने मृतक का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। परिजनों ने इलाज मे लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। फरीदपुर क्षेत्र के कार्तिया गांव का निवासी महेंद्र के भाई तेजपाल ने बताया कि 10 फरवरी को ग्वालियर मे उसका भाई सड़क हादसे मे घायल हो गया था। उसके बाद वह उसे स्टेडियम रोड स्थित निजी अस्पताल मे भर्ती कराया। जहां उसकी हालत सही हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने 20 फरवरी को कहा कि उनका मरीज स्वस्थ है और उसे डिस्चार्ज किया जा रहा है। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल का पेमेंट जमा कर दिया। पेमेंट जमा होने के बाद अस्पताल स्टाफ ने परिजनों से कहा कि महेंद्र को एक दिन और रोकना उसके लिए अच्छा होगा। इस पर परिजन मान गए और उसे वहां रोक दिया। आरोप है कि रात मे जब महेंद्र की हालत खराब हुई तो वहां काम करने वाले स्टाफ ने उसकी नाक मे नली डाली तो वह नही गई। बाद मे फिर जबरन नली डाली। इसके कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।।
बरेली से कपिल यादव
