रामजी की निकली बारात, भक्ति और उल्लास से शहर राममय, जमकर रंगों की बारिश

बरेली। शहर मे सोमवार को भक्ति और उल्लास का संगम दिखा। जिसने पूरे शहर को राममय कर दिया। ब्रह्मपुरी स्थित नृसिंह मंदिर से 166वीं ऐतिहासिक राम बारात धूमधाम के साथ निकली तो सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह 10 बजे पूजा-अर्चना के चाद जैसे ही सुसज्जित रथ आगे बढ़ा, वैसे ही जय श्रीराम के नारे गूंजने लगे। दूल्हा स्वरूप में सभी श्रीराम की झांकी रथ पर विराजमान थी। इसी रथ पर लक्ष्मण और गुरु विश्वामित्र की झांकी थी। रथ की भब्य सजावट और पारंपरिक वेशभूषा में शामिल कलाकारों ने अद्धालुओं को त्रेतायुग की झलक का एहसास कराया। पूरे रास्ते श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षों और रंगवर्षा कर भव्य स्वागत किया। बड़ी बमनपुरी से निकली इस ऐतिहासिक राम बारात में जगह-जगह हुरियारों के बीच रंगों की मोर्चाबंदी देखने को मिली। कालीबाड़ी क्षेत्र मे सबसे जबरदस्त मोर्चा छिड़ा। जहां रंगों की जंग शुरू होते ही हर कोई रंगों में सराबोर हो गया। होली के गीतों और ढोल-नगाड़ों की धुनों के बीच लोग जमकर झूमते नजर आए। रथ के साथ ट्रैक्टर में जुड़े तीन ठेलों पर रखे इमों में रंग भरा गया था। हुरियारे इन इमों से रंग उड़ाते हुए, आगे बढ़ रहे थे और रास्ते भर होली के रंगों की बरसात होती रही। बैंड-बाजा और डीजे की धुनों पर श्रद्धालु झूमते-नाचते राम बारात के साथ चलते रहे। पूरे मार्ग पर उत्सव जैसा माहौल बना रहा और सड़कों पर रंगों की छटा दिखाई देती रही। इस दौरान सांप्रदायिक सौहार्द की भी मिसाल देखने को मिली। मुस्लिम समाज के लोगों ने रथ पर श्रीराम व लक्ष्मण के स्वरूप का फूलों से स्वागत किया। रामवारात नृसिंह मंदिर से बड़ी बमनपुरी, घंटाघर, कोहड़ापीर, कोतवाली, नॉवल्टी, पुराना बस अड्डा, कालीबाड़ी, श्यामगंज, मिर्ची वाली गली, साहू राम स्वरूप डिग्री कॉलेज, किला, दूल्हा मियां की मजार, सिटी स्टेशन, सिटी सब्जी मंडी व डलाव वाली मठिया होकर शाम को नृसिंह मंदिर पर संपन्न हुई। रामबरात के शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण आयोजन को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात बरते। जुलूस के मार्ग पर पड़ने वाली 50 से अधिक मस्जिदों और इमामबाड़ों को पहले ही तिरपाल से ढंक दिया गया था। ताकि रंग, अबीर या गुलाल वहां तक न पहुंचे।।

बरेली से कपिल यादव

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