मातारानी के जयकारों से गूंजे मंदिर, देवी के भजनों पर झूमे भक्त

शीशगढ़, बरेली। चैत्र नवरात्रि पर दूसरे दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप ब्रह्मचारिणी की पूजा की गई। यह दिन तप, त्याग, संयम और ज्ञान का प्रतीक है। मां ब्रह्मचारिणी को ज्ञान और वैराग्य की देवी माना जाता है। मां अपने भक्तों को कठिन परिस्थितियों मे धैर्य रखने की शक्ति प्रदान करती है। मां ब्रह्मचारिणी के दाहिने हाथ मे जपमाला और बाएं हाथ मे कमंडल है, जो साधना और ज्ञान का प्रतीक है। श्रद्धालुओं ने दूसरे दिन स्नान के बाद देवी को पीले या सफेद वस्त्र अर्पित किए। सफेद फूल, चंदन और मिश्री का भोग लगा कर ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः मंत्र का जाप किया। मंदिर के पुजारी ने बताया कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने को कठोर तपस्या की थी। मंदिरों में लगी भक्तों की कतार: जनकपुरी स्थित हर मिलाप शिव शक्ति मंदिर, काली देवी मंदिर कालीबाड़ी, नवदुर्गा मंदिर साहूकारा, त्रिवटीनाथ मंदिर, मॉडल टाउन स्थित श्री हरि मंदिर समेत अन्य मंदिरों में सुबह से ही घंटे-घड़ियाल की आवाज गूंज उठी। भजनों पर भक्त झूम उठे। माता ब्रह्मचारिणी का पूजन, हुए भजन-कीर्तन: बरेली। सुभाषनगर स्थित अवधपुरी कॉलोनी के श्री हरे राम नव दुर्गा मंदिर में माता ब्रह्मचारिणी का पूजन किया गया। पूनम शर्मा ने माता को श्रीफल, वस्त्र एवं आभूषण अर्पित कर श्रृंगार किया। दोपहर से सायं तक मंदिर प्रांगण में भजन-कीर्तन हुआ। ममता शर्मा के नेतृत्व में महिलाओं ने मा भगवती की भक्ति गीत प्रस्तुत किए। ब्रहम देवी कुशवाहा ने देवी का बीड़ा लगाया। सायंकाल में संगीतमय नवान्ह रामायण पाठ का आयोजन किया गया। आयुष शर्मा, डॉ. जितेंद्र कुमार शर्मा, बीडी वर्मा, मीरा वर्मा, मुकेश शर्मा, शंकर लाल कश्यप आदि मौजूद रहे। रामगंगा घाट पर गंगा आरती: बरेली। हिंदू नववर्ष पर रामगंगा घाट चौबारी पर गंगा आरती की गई। मुख्य अतिथि बिथरी चैनपुर विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा ने कहा कि जल्द ही भव्य और आधुनिक घाट का निर्माण कराया जाएगा। कार्यक्रम संयोजक गंगा समग्र के महानगर संयोजक अखिलेश सिंह रहे। राज्य महिला आयोग सदस्य पुष्या पांडे, डॉ. रवीश अग्रवाल, संतोष कुमार सिंह, डॉ. विमल भारद्वाज, डॉ. प्रमेंद्र महेश्वरी, डॉ. विनोद पागरानी आदि मौजूद रहे।।

बरेली से कपिल यादव

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