बरेली। बीडीए कार्यालय मे मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। वे कृषि भूमि को बचाने और अवैध कॉलोनियों पर अंकुश लगाने की मांग कर रहे थे। बीडीए वीसी से नहीं मिलने देने और अधिकारियों की टालमटोल से नाराज होकर किसान धरने पर बैठ गए। संयुक्त सचिव और विशेष कार्यधिकारी ने किसानों को समझाया और उनकी मुलाकात बीडीए उपाध्यक्ष से कराई, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ। बीडीए उपाध्यक्ष को सौंपे ज्ञापन में भाकियू ने कहा कि शहर से लेकर गांवों तक बीडीए का दायरा बढ़ने के कारण कृषिप भूमि खत्म होती जा रही है। कॉलोनाइजरों की ओर से खेतों मे अवैध तरीके से प्लाट काटे जा रहे है और बीडीए के अभियंता रोक नही लगा पा रहे है। बीडीए की टीम तब बुलडोजर लेकर पहुंचती है जब गरीब व्यक्ति अपनी जमा पूंजी लगाकर मकान खड़ा कर लेता है। किसानों ने मांग की है कि ऐसे अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के बजाय कंपाउंडिंग की जाए और भविष्य मे बिना नक्शा पास किए एक भी ईट न लगने दी जाए। इसके अलावा, भाकियू ने मंडलायुक्त को दिए गए 15 सूत्रीय ज्ञापन का हवाला देते हुए मांग की कि रामगंगा नगर जैसी योजनाओं में बहुमंजिला इमारतो के जरिए कृषि भूमि को बचाया जा सकता था। बीडीए उपाध्यक्ष डा. मनिकंडन ए ने आश्वासन दिया किसी किसान के साथ अन्याय नही होगा। अवैध कालोनाइजरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रवक्ता एडवोकेट हाजी एम. इकबाल, तहसील उपाध्यक्ष आमिर रजा, काशिफ रजा समेत कई किसान नेता मौजूद रहे।।
बरेली से कपिल यादव
