बरेली। बरेली कॉलेज के चीफ प्रॉक्टर प्रो. आलोक खरे के नाम से बनी फेसबुक आईडी पर अमर्यादित पोस्ट किया गया। जिससे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं मे आक्रोश फैल गया। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कॉलेज मे जोरदार प्रदर्शन किया। कॉलेज परिसर में जुटे कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च करते हुए विरोध जताया और प्राचार्य प्रोफेसर ओम प्रकाश राय के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। छात्र संगठन ने चीफ प्रॉक्टर के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग को लेकर काफी देर तक नारेबाजी की। आरोप लगाया कि चीफ प्रॉक्टर प्रो. आलोक खरे ने महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी की है। छात्र नेता चीफ प्रॉक्टर को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। जिससे कॉलेज परिसर मे तनाव गहरा गया। प्रोफेसर खरे के सामने आते ही प्रदर्शनकारियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए उनके साथ धक्का-मुक्की कर दी। जिसमें छात्राओं ने भी आगे बढ़कर घेराव किया। मौके पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने किसी तरह बीच-बचाव कर उन्हें सुरक्षित निकाला। इसके बाद चीफ प्रॉक्टोरियल कार्यालय पर ताला जड़कर चाबी प्राचार्य को सौंप दी। चीफ प्रॉक्टर द्वारा की गई पोस्ट से आक्रोशित एबीवीपी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने चीफ प्रॉक्टोरियल कार्यालय पर ताला डाल चाबी प्राचार्य को दी। चीफ प्रॉक्टर को पद से हटाए जाने व इंदीवर सिंह चौहान को अग्रिम आदेशों तक कार्यभार दिए जाने का निर्देश जारी करने पर सभी शांत हुए। प्रो. आलोक खरे ने बताया कि उनके सेवानिवृत्त का समय नजदीक है। चार साल बिना विवादों के कार्यकाल पूर्ण करने के बाद 30 मार्च को ही अपने पद से त्याग पत्र का लेटर प्राचार्य को दिया था। प्राचार्य ने जल्द उन्हें पद से अवमुक्त करने का आश्वासन दिया था। मामले मे प्राचार्य का घेराव करने वालों में विभाग संगठन मंत्री विकास गोला, रवि प्रताप सिंह, विपिन शर्मा, कुनाल शर्मा, पुष्पेंद्र कठेरिया, आदित्य यादव, दीपांशु चौधरी, हिमांशी, काव्या गंगवार, रोशनी ठाकुर आदि रहे।।
बरेली से कपिल यादव
