जानवरों से बचाया, कुदरत ने खराब कर दी फसल, गेहूं, सरसों और मसूर की फसलों को भारी नुकसान

भदपुरा, बरेली। फसल कटने के समय बेमौसम बरसात और तेज हवाओं ने किसानों की कमर तोड़ दी है। सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल तेज हवा से गिर गई है। जिस सरसों और गेहूं की फसल को लहलहाता देख किसान खुश हो रहा था वह फसल गिरने से सिर पर हाथ धरे बैठ गया है। रविवार सुबह और दोपहर हुई बारिश से गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। तेज हवाओं से सरसों व गेहूं की फसल पलट गई। इससे किसानों को ज्यादा नुकसान हुआ है। बारिश ने भी किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश से गेहूं और सरसों की फसलों में काफी नुकसान होने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरे पड़ गई। तुलाराम, कृष्णपाल, सुनील नन्हे लाल, डोरीलाल, सर्वेश नत्थू लाल, मुकेश आदि किसानों ने बताया की गेहूं की बुवाई के वाद से फसल तैयार होने तक फसल को जानवरों से बचाने के लिए रात-रात जागकर खेतों के चक्कर लगाए, ताकि आवारा गोवंश से फसलों को बचाया जा सके। फसलों को जानवरों से तो बचा लिया गया, लेकिन कुदरत की मार से कैसे बचाया जाए। इस समय की बरसात से गेहूं और सरसो की फसल कमजोर हो जाएगी। किसानों ने खराव हुई फसल का मुआवजा देने की मांग सरकार से की है। गेहूं, सरसों और मसूर की फसलों को भारी नुकसान: मीरगंज तहसील क्षेत्र के कस्बा एवं देहात क्षेत्र मे घंटों हुई तेज बारिश और हवाओं ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। इस दौरान बिजली गिरने से पेड भी धराशायी हो गए। गांव जाम में किसान की साढ़े नौ बीघा गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। रविवार को हुई तेज बारिश और तेज हवाओं से किसानों की फसलों को भारी क्षति पहुंची है। गेहूं, सरसौ और मसूर की फसले मुख्य रूप से प्रभावित हुई है। कई किसानों ने बताया कि उनकी गेहूं की फसल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है।।गांव दियोरिया अब्दुल्लागंज, सिमरिया, लभेडा दुर्गाप्रसाद सिंधौली सहित तमाम गांवों और कस्बे में फसलों को नुकसान हुआ ग्रामीणों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है फसलों के नुकसान की भरपाई की मांग की है।।

बरेली से कपिल यादव

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