बरेली। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच शुरू हुए युद्ध के बाद से रसोई गैस सिलेंडर को लेकर चल रही मारामारी थमने का नाम नहीं ले रही। महिलाओं, बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सिलेंडर के लिए गैस एजेंसियों के चक्कर काटते नजर आ रहे हैं, जबकि दावा भरपूर गैस होने का किया जा रहा है। गैस बुकिंग के बारबार बदलते नियमों से उपभोक्ताओं के दिलोदिमाग में और चिंताएं हावी होती जा रही हैं। उन्हें रिजर्व सिलेंडर ने होने पर घर खाना कैसे पकेगा इसका भी डर सता रहा है। इस वजह से भी रिजर्व सिलेंडर चूल्हे में लगते ही रिफिल बुक कर रहे है। एजेंसी के संचालक उपभोक्ताओं को पैनिक बुकिंग से बचने की सलाह दे रहे है। प्रियदर्शनी नगर स्थित योगेश इंडेन गैस सर्विस पर शाम चार बजे 10 से 12 उपभोक्ताओं की लाइन लगी थी। कोई ओटीपी नहीं पहुंचने तो कोई डीसीए मैसेज न आने से परेशान थे। वहां खड़े एक उपभोक्ता ने बताया कि साल भर से बुकिंग नहीं कराई थी, अब बुकिंग कराने आए है तो कह रहे हैं कि पहले केवाईसी कराइए। राज भारत गैस सर्विस, जयहिंद एचपी गैस सर्विस, कुणाल इंडेन गैस सर्विस, रुहेलखंड गैस सर्विस पर बुकिंग करने वालों की लाइन लगी थी। चाय की चुस्की हुई महंगी: गैस नही मिलने पर दुकानदार को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गांधी उद्यान और पुराना रोडवेज के बाहर दुकान लगाने वालों ने बताया कि गैस नहीं मिलने से व्यापार ठप हो रहा है। पहले सिलेंडर भरवाने जाते थे तो गैस 100 प्रति किलो मिलती थी। अब हॉकर गैस ब्लैक कर रहे हैं। भट्टी पर चाय बनानी पड़ रही है। इन हालात में जो चाय पहले 10 रुपये में मिला करती थी अब 15 से 20 में मिल रही है।।
बरेली से कपिल यादव
